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Uttarakhand: अच्छी खबर...कामकाजी महिलाओं को मिलेगी राहत, अक्तूबर से खुलेंगे दो मॉडल पालना केंद्र

Tue, 24 Sep 2024 10:50 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

Uttarakhand News: ये दोनों पालना मॉडल केंद्र के तौर पर खोले जा रहे हैं। इसके बाद पांच जिलों के 32 आंगनबाड़ी केंद्रों को भी क्रेच केंद्र के तौर पर विकसित किया जाएगा।
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बैठक में मंत्री रेखा आर्या - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने हरिद्वार और सेलाकुई के आंगनबाड़ी केंद्रों को क्रेच केंद्र (पालना) के तौर पर अगले माह अक्तूबर से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। जहां महिलाएं सुबह आठ से शाम पांच बजे तक अपने छह माह से छह साल तक के बच्चों को देखभाल के लिए छोड़कर बेफिक्र काम पर जा सकेंगी।

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ये दोनों पालना मॉडल केंद्र के तौर पर खोले जा रहे हैं। इसके बाद पांच जिलों के 32 आंगनबाड़ी केंद्रों को भी क्रेच केंद्र के तौर पर विकसित किया जाएगा। मंत्री ने मंगलवार को विस सभागार में विभागीय अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत 5,713 बच्चों के लिए जुलाई माह के 171.39 लाख और 5,673 बच्चों के लिए अगस्त के 170.73 लाख रुपये यानी कुल तीन करोड़ 41 लाख 58 हजार की धनराशि का भुगतान डीबीटी से किया।

मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत कोविड-19 महामारी और अन्य बीमारियों से माता-पिता या संरक्षक की मृत्यु के कारण जन्म से 21 साल तक के प्रभावित बच्चों को प्रतिमाह तीन हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाती है। बैठक में महिला एकल नीति पर अधिकारियों द्वारा बताया गया कि संबंधित प्रस्ताव उप समिति स्तर पर विधिक परीक्षण के लिए रखा है।
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इस दौरान नंदा गौरा योजना समेत महिला कल्याण और उत्थान से जुड़ी अन्य योजनाओं पर भी चर्चा हुई। बैठक में महिला कल्याण के निदेशक प्रशांत आर्य, उप निदेशक विक्रम सिंह, सीपीओ मोहित चौधरी, अंजना गुप्ता, राजीव नयन व अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
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सहायिका भर्ती, महिला कल्याण सेस में देरी पर खफा
मंत्री ने आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती में देरी और अफसरों के सुस्त रवैये पर नाराजगी जताई। निर्देश दिए कि विभाग जल्द रिक्त पदों पर भर्ती करे। उन्होंने महिला कल्याण के लिए सेस लगाने की कार्यवाही लंबित होने पर भी चिंता जताई। महिला कल्याण कोष और महिला कल्याण के लिए एक रुपये प्रति शराब की बोतल सेस लेना था, जिसको लेकर नियमावली नहीं बनने पर पूर्व की बैठकों में भी नाराजगी व्यक्त की थी, लेकिन अभी तक कार्य पूरा नहीं हुआ है। मंत्री ने अगली कैबिनेट तक कार्यवाही पूरी करने के निर्देश दिए।

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