‘महिला चाहे आम हो या खास, आयोग हर पीड़िता के साथ’
आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि महिला सुरक्षा और न्याय के मामले में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। महिला चाहे आम हो या खास, राज्य महिला आयोग हर पीड़ित महिला के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा और उत्पीड़न की स्थिति में किसी भी महिला को चुपचाप सहने की आवश्यकता नहीं है। प्रत्येक महिला को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने परिवार, बच्चों के भविष्य और रिश्तों को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करती हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि उन्हें हिंसा या मानसिक प्रताड़ना सहन करनी पड़े। कानून के समक्ष सभी नागरिक समान हैं और किसी को भी कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता।
जांच के बाद होगी वैधानिक कार्रवाई
राज्य महिला आयोग ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। प्रकरण से जुड़े सभी पहलुओं की जांच पुलिस प्रशासन द्वारा की जा रही है। आयोग पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पुलिस प्रशासन के संपर्क में है। आयोग ने दोहराया कि जांच में यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आयोग ने मंत्री रेखा आर्य के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि महिला सुरक्षा, न्याय और पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा के लिए आयोग प्रतिबद्ध है।