पांचवे दिन खुला यमुनोत्री हाईवे फिर बंद
यमुनोत्री हाईवे पर ओजरी-डाबरकोट का भूस्खलन नासूर बन गया है। चौथे दिन कुछ देर के लिए हाईवे खुला। लेकिन दोबारा लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण हाईवे बंद हो गया है। 16 दिनों से मोल्डी के समीप बंद आराकोट-चिवां मोटर मार्ग पर भी पीएमजीएसवाई ने मंगलवार को आवाजाही शुरू करवा दी है। जिससे 12 गांव के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
चिन्यालीसौड़ में धंसा गंगोत्री हाईवे का पांच मीटर हिस्सा
चिन्यालीसौड़ में टैक्सी स्टैंड और नागणीसौड़ के बीच गंगोत्री हाईवे का करीब पांच मीटर हिस्सा धंस गया। जिस कारण वहां पर वाहनों की आवाजाही में खतरा बना हुआ है। नागणीसौड़ में बारिश के पानी की निकासी न होने के कारण पूरा पानी गंगोत्री हाईवे पर बहता है। जिस कारण बीते सोमवार देर रात गंगोत्री हाईवे का करीब पांच मीटर हिस्सा धंस गया। जिस कारण वहां पर आवाजाही में खतरा बना हुआ है। इसके साथ ही मंगलवार सुबह गंगोत्री हाईवे लालढांग सहित भटवाड़ी, हेलगुगाड़ और थिरांग में मलबा और बोल्डर आने के कारण करीब साढ़े तीन घंटे बंद रहा। जिस कारण शिक्षकों और तहसील कर्मचारियों को स्कूल और कार्यालय पहुंचने में देरी हुई।
बदरीनाथ हाईवे पर वैकल्पिक रास्ते से हो रही आवाजाही
रविवार रात को हुई अतिवृष्टि से चमोली जिले के जखेड़ गदेरा उफान पर आने से कमेड़ा गांव के पास ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे का करीब 150 मीटर हिस्सा ध्वस्त हो गया। ऐसे में ऋषिकेश से आने वाले और चमोली-कर्णप्रयाग जाने वाले करीब 1000 से अधिक यात्री और स्थानीय लोग पांच घंटे तक फंस रहे। सुबह पांच बजे हाईवे ध्वस्त हुआ था और करीब 10 बजे यहां पुलिस व प्रशासन ने वाहनों की वैकल्पिक रास्ते से आवाजाही कराई।