फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंडः दोपहर बाद दून में हुई झमाझम बारिश, उत्तरकाशी में मलबे में दबने से मजदूर की मौत

Thu, 05 Sep 2019 08:29 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
मलबे में दबे मजदूर को निकालते लोग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार राजधानी दून समेत गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के कई इलाकों में बारिश होने का अनुमान है। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि दिन में दो से तीन दौर की बारिश हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में गरज और चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है।

विज्ञापन

 

लेकिन विभाग के अलर्ट के बीच सुबह से देहरादून सहित अन्य इलाकों में मौसम साफ रहा। हालांकि दोपहर तीन बजे बाद देहरादून में झमाझम बारिश शुरू हो गई। जिससे शहर में कई जगह सड़कें तालाब बन गईं। उत्तरकाशी, यमुनोत्री और बदरीनाथ धाम में तड़के बारिश हुई। वहीं रुद्रप्रयाग से केदारनाथ तक हल्के बादल छाये रहे। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और गंगोत्री राजमार्ग पर आवाजाही सुचारू है।


गंगोत्री हाईवे पर चिन्यालीसौड़ नगुण बैरियर के पास ऑल वेदर रोड के कार्य के दौरान भूस्खलन होने से तीन मजदूर मलबे में दब गए। इनमें से दो मजदूरों को तो बचा लिया गया, लेकिन एक मजदूर की मलबे में दबने के कारण मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पाकर उत्तरकाशी जिलाधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ पुलिस राहत और बचाव कार्य किया।
विज्ञापन

 

भूस्खलन के मलबे में दबे तीन मजदूर, एक की मौत

गंगोत्री हाईवे पर चिन्यालीसौड़ नगुण बैरियर के पास ऑल वेदर रोड के कार्य के दौरान भूस्खलन होने से एक पोकलेंड ऑपरेटर और दो मजदूर मलबे में दब गए। इनमें दो मजदूरों को तो बचा लिया गया, लेकिन एक मजदूर की मलबे में दबने से मौके पर ही मौत हो गई। 

ऑल वेदर रोड के तहत इन दिनों टिहरी और उत्तरकाशी जिले की सीमा पर नगुण बैरियर के पास गंगोत्री हाईवे के चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। बृहस्पतिवार अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे यहां पोकलैंड मशीन से पहाड़ की कटिंग की जा रही थी, तभी पहाड़ी का बड़ा हिस्सा भरभरा कर नीचे आ गया और यहां काम कर रहा पोकलेंड ऑपरेटर और दो अन्य मजदूर मलबे में दब गए।

इस दौरान देहरादून जा रहे डीएम डा.आशीष चौहान ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी आदि मशीनों की मदद से मलबा साफ कराकर इसमें दबे मजदूर को बाहर निकलवाया, लेकिन तब तक विलंब हो चुका था जिससे मजदूर सुनील कुमार(18) पुत्र कैलाश निवासी श्रीपतनगर पश्चिमी चंपारन बिहार की मौके पर ही मौत हो गई। धरासू थाना पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से ऑपरेटर अर्जुन (38) पुत्र सुंदर सिंह निवासी जिब्या कोटधार उत्तरकाशी और मजदूर रामानंद (50) पुत्र वीरपथ निवासी रामपुर बेतिया बिहार को मलबे से बाहर निकालकर स्थानीय अस्पताल में पहुंचाया। अस्पताल से ऑपरेटर को प्राथमिक उपचार कर छुट्टी दे दी गई, जबकि गंभीर रूप से घायल मजदूर रामानंद को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

राजपुर रोड पर तेज बारिश, सड़क पर खड़ी बाइक्स बहीं

देहरादून के राजपुर रोड पर बुधवार की शाम तेज बारिश से लोग डर गए। सड़कों पर पानी का बहाव इतना तेज था कि कई बाइक्स बहकर काफी आगे तक चली गई। पुलिस की बेरिकेडिंग भी पानी के दबाव में हट गई। 

राजधानी और आसपास के इलाकों में बुधवार रात काफी देर तक झमाझम बारिश हुई। इसके चलते लोगों को गर्मी और उमस से खासी राहत मिली। वहीं, तेज बारिश से कई इलाकों में जलभराव भी हुआ, जिससे लोगों को दिक्कत हुई। सुबह से राजधानी के ज्यादातर इलाकों में तेज धूप खिली रही। दोपहर के समय कुछ देर के लिए आसमान काले बादलों से घिर गया और हवाएं चलने लगी। हालांकि कुछ ही देर में मौसम फिर साफ हो गया और धूप खिलने लगी। शाम के समय काफी देर तक ठंडी हवाएं चलती रही। रात को कई इलाकों में बहुत तेज बारिश शुरू हो गई जो काफी देर तक जारी रही। तेज बारिश के बाद राजधानी के अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की कमी दर्ज की गई। इससे रात के समय मौसम काफी सुहावना हो गया। राजधानी में अधिकतम तापमान 29 और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। 

सड़कों और गलियों में भरा पानी
तेज बारिश के चलते शहर की ज्यादातर सड़कों पर पानी भर गया। कुछ गलियों और मोहल्लों में भी पानी भरने से लोगों को दिक्कत हुई। हालांकि कुछ समय बाद बारिश रुकने से लोगों को राहत मिली।
विज्ञापन

पिंडर घाटी में भारी बारिश से सड़कों पर आया मलबा 

बुधवार रात को नारायणबगड़, थराली और देवाल क्षेत्र में भारी बारिश हुई। प्राकृतिक आपदा से डरे लोग ने बारिश आते ही घरों से बाहर आ गये। बारिश से रात करीब 12 बजे कर्णप्रयाग-ग्वालदम मोटर मार्ग पर थाला बैंड के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर आ गये। जिससे लोग 15 घंटों तक अपने छाटे बच्चों के साथ जाम फंसे रहे। सड़क बंद होने से क्षेत्र में दूध, सब्जी, अखबार सहित अन्य जरूरी सामान समय पर नहीं पहुंचाया जा सका।

आज अपराह्न करीब तीन बजे बीआरओ की मशीनों की सहायता से सड़क पर आए बोल्डरों और मलबे को हटाकर यातायात बहाल किया गया। इसके अलावा लोहाजंग-वांण मोटर मार्ग पर कुलिंग गांव के पास पहाड़ी धंसने से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आने से सड़क अवरूद्ध हो गई और करीब चार घंटे तक कई वाहन सड़क पर फंसे रहे। स्थानीय लोगों की सूचना पर लोनिवि ने जेसीबी मशीनों की मदद से सुबह 11 बजे सड़क का मलबा हटाया और यातायात शुरू किया। वहीं थराली-देवाल मोटर मार्ग पर खाड़ीबगड के पास मलबा और पत्थर आने से सड़क चार घंटे तक बंद रही। लोनिवि ने मलबा हटाने के लिए मौके पर जेसीबी मशीन भेजी, लेकिन जेसीबी खराब होने से सड़क खोलने दिक्कतें हुई। बाद में दूसरी मशीन मंगाकर सुबह 10 बजे सड़क  से मलबा हटाकर वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें