नीती घाटी में बहने वाले झरने व गाड-गदेरे बर्फ में तब्दील हो गए हैं। माणा घाटी में भी नाले जम गए हैं। नीती घाटी में ऋषिगंगा भी पूरी तरह से जम गई है। मंगला कोठियाल का कहना है कि बारिश, बर्फबारी न होने से कोरी ठंड पड़ रही है। नगर क्षेत्रों में लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। जोशीमठ के साथ ही पोखरी, घाट, गैरसैंण, थराली, देवाल, कर्णप्रयाग, गौचर, पीपलकोटी और निजमुला घाटी में भी सुबह, शाम को शीतलहर चल रही है।
सावधान : मौसम बिगाड़ सकता है सेहत
इस तरह का बदलता मौसम सेहत के लिए हानिकारक है। हवा की गुणवत्ता खराब होने के कारण सांस के रोगियों को ज्यादा समस्या हो सकती है। ऐसे में मार्निंग वॉक के लिए निकलते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। बच्चों और बुजुर्गों के साथ अस्वस्थ लोग ऐसे मौसम में ज्यादा सावधानी बरतें। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके मिश्रा का कहना है कि वैसे तो अभी सूखी ठंड जैसे हालात नहीं हैं, लेकिन जैसा मौसम बुधवार को रहा, बच्चों की देखरेख की जरूरत है। उन्हें ठंडी चीजों से दूर रखें। इस मौसम में बच्चे खांसी और जुकाम के जल्द शिकार हो जाते हैं।