पूर्व जिला पंचायत सदस्य महावीर पंवार ने बताया कि गांव के ऊपर गदेरे में बादल फटा है। जिससे कई परिसंपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। सभी ग्रामीण सुरक्षित हैं। साल 1986 में भी गांव में बादल फटा था।
उफान पर आया कैंपटी फॉल
वहीं, बारिश के कारण कैंपटी फॉल भी उफान पर आया गया। कैंपटी फॉल का ऐसा रौद्र रूप देख लोग सहमे हुए हैं। कैंपटी फॉल के आसपास की कईं दुकानों में पानी भी घुस गया है। वहीं, देहरादून के टपकेश्वर मंदिर के बीच बहने वाली टोंस नदी भी उफान पर रही।
अतिवृष्टि से खासा नुकसान
टिहरी जिले के भिलंगना ब्लॉक के सीमांत गंगी गांव में अतिवृष्टि से खासा नुकसान हो गया है। यहां पैदल रास्ते, पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई है। दो गोशाला दबने से 10 पशु दब गए हैं।
बीती रात करीब 12 बजे गंगी गांव में जलकर बारिश हुई। जिस कारण मार्ग बंद हो गए हैं और ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी उठानी पड़ रही है।
टिहरी जिले के जौनपुर ब्लॉक के बिच्छु गांव में एक गोशाला में बज्रपात गिरने से एक वृद्ध की दर्दनाक मौत हो गई। बिच्छु गांव से एक किमी दूर बुढसेरा में जयेंद्र की गोशाला है।
सोमवार सुबह 09 बजे के लगभग बुढसेरा में जयेंद्र की गोशाला में एकाएक बज्रपात गिरा। उस वक्त जयेंद्र (61) गोशाला के अंदर अकेले थे।
बज्रपात गिरने से गोशाला के अंदर ही जयेंद्र की मौत हो गई। बिच्छु की ग्राम प्रधान सुनीता पंवार ने यह जानकारी दी है। गोशाला के अंदर पशु सुरक्षित हैं। सूचना पर थत्यूड़ से पुलिस बल मौके लिए रवाना हो गया है।