बृहस्पतिवार को केदारनाथ, तुंगनाथ, मद्महेश्वर समेत ऊंचाई वाले इलाकों में जहां दोपहर बाद हल्की बर्फबारी हुईं, वहीं निचले इलाकों में दिनभर बादल छाए रहे। इससे शीतलहर चलने से ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। उधर, दोपहर बाद बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब में बर्फबारी हुई।
केदारनाथ धाम में दोपहर 12 बजे के बाद से हल्की बर्फबारी शुरू हो गई थी, जो शाम तक जारी रही। यहां पहले से छह फीट से अधिक बर्फ मौजूद है। वुड स्टोन के टीम प्रभारी मनोज सेमवाल ने बताया कि मौसम के खराब होने से तापमान में काफी गिरावट आई है। दिनभर यहां पारा माइनस में रहा।
अधिकतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम माइनस 12 डिग्री दर्ज किया गया। यहां बीते 13 अक्तूबर से सभी निर्माण कार्य ठप पड़े हैं। इधर, जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग में अधिकतम तापमान 16 व न्यूनतम 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
उधर, चमोली जिले में कुछ दिन चटख धूप खिलने के बाद बृहस्पतिवार को मौसम ने फिर करवट ली। दोपहर बाद बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, नीती व माणा घाटियों के साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई, जबकि निचले क्षेत्रों में दिनभर बादल छाए रहे। समूचा जिला शीतलहर की चपेट में है।
हल्द्वानी में शीतलहर के कारण पारा नौ डिग्री लुढ़क गया है और हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ रही है। बृहस्पतिवार को भी दिनभर सूर्यदेव ने दर्शन नहीं दिए और शीतलहर ने बेहाल कर दिया। हल्द्वानी का अधिकतम तापमान 13.6 और न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस रहा।
अधिकतम तापमान सामान्य से नौ डिग्री सेल्सियस कम रहा जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 14.2 और न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस रहा। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह का कहना है कि 20 और 21 को पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और बर्फबारी की संभावना है। रविवार को मौसम खुलने और सूर्यदेव के दर्शन देने की संभावना है।
नैनीताल में दोपहर बाद छाए बादल, ठंड बढ़ी
नैनीताल। तीन दिन तक मौसम सामान्य रहने के बाद बृहस्पतिवार को सरोवर नगरी और इसके आसपास के क्षेत्रों में दोपहर के बाद ठंड में अचानक इजाफा हो गया। दो-तीन दिन से नैनीताल में मौसम पूरी तरह सामान्य था और दिनभर धूप खिल रही थी।
बृहस्पतिवार को भी दोपहर बाद तक धूप खिली रही, लेकिन उसके बाद आसमान बादलों से घिर गया, इसके चलते ठंड में इजाफा हो गया। वहीं सरोवर नगरी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अब भी बर्फ देखने के लिए बड़ी संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं।
तापमान कम होने के कारण नमी अधिक है। इसके चलते कोहरे की स्थिति बनी हुई है। शुक्रवार को बादल छाने पर कुछ राहत मिलेगी और रविवार को सूर्यदेव के दर्शन देने की संभावना है।
- विक्रम सिंह, निदेशक राज्य मौसम विज्ञान केंद्र
तापमान कम है इसलिए कोहरने की स्थिति बनी हुई है। बर्फबारी और ओलावृष्टि के कारण पहाड़ से ठंडी हवाएं आ रही हैं और ठंड का प्रकोप बना हुआ है।
-डॉ. आरके सिंह, मौसम वैज्ञानिक पंतनगर विश्वविद्यालय
ठंड में बरतें यह सावधानी
= मधुमेह और ब्लड प्रेशर के रोगी सूर्योदय से पहले टहलने न जाएं।
= मधुमेह और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखें।
= ठंडी खाद्य सामग्री का प्रयोग न करें।
= पानी हल्का गुनगुना कर ही पीएं।
= हरी सब्जियां, फलों का सेवन अधिक करें।
= तले भुने हुए खाने, शराब के सेवन से बचें।
= ऊनी कपड़े परतों में पहने और जरूरत होने पर ही घर के बाहर निकलें।
= अस्थमा के मरीज नियमित रूप से इंहेलर का प्रयोग करें।
= ठंडे पानी से न नहाएं। साथ ही सिर पर कैप जरूर लगाएं।
शहर से लेकर देहात तक शीत लहर की चपेट में है। लगातार तीन दिन से कोहरा छाने और धूप नहीं निकलने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत सुबह के समय स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। मौसम विभाग ने आज और कल पहाड़ों में बारिश व बर्फबारी का अलर्ट जारी किया। बढ़ती ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने शुक्रवार को एक से बारह तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है।
बृहस्पतिवार को भी शहर से लेकर देहात तक घना कोहरा छाया रहा। बुधवार की तरह सूर्य भगवान के दर्शन नहीं हुए। सुबह से ही शीत लहर चल रही थी। दिन चढ़ने के बाद भी ठंड से राहत नहीं मिली और पाला गिरता रहा। कोहरा लगने से वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सड़कों और बाजार में भी ठंड का असर दिखाई दिखाई। प्रमुख बाजारों में बहुत कम लोग नजर आए। शाम को हवाएं चलने से ठंड और बढ़ गई।
बाजारोें में समय से पहले ही सन्नाटा पस गया। दूसरी तरफ देहात में भी कड़ाके की ठंड में खेतीबाड़ी का काम प्रभावित हो रहा है। किसान अपने खेतों में नहीं गए। पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा है। गन्ने की कटाई का काम भी कम हो रहा है। जिलाधिकारी दीपेंद्र चौधरी ने कक्षा एक से 12 तक के स्कूलों के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों पर अवकाश घोषित किया। उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि स्कूल खोलने वाले संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
मेयर और एमएनए ने किया रैन बसेरों का निरीक्षण
मेयर अनीता शर्मा और एमएनए उदय सिंह राणा ने रैन बसेरों का निरीक्षण किया। उन्होंने रैन बसेरों में हीटर भी लगवाए और कंबल आदि की व्यवस्था उचित मिलने पर संतोष जताया। मेयर अनीता शर्मा ने बताया कि भारत स्काउट गाउड और रैन बसेरों में व्यवस्था सही पाई गई।