भारी बारिश से उत्तराखंड में हुई जानमाल की हानि के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को फोन किया और उनसे पूरी जानकारी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि बचाव राहत कार्यों में केंद्र सरकार हर आवश्यक सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि केंद्र की सभी एजेंसियों को तैयार किया गया है। वहीं उन्होंने आपदा के दौरान जान गंवाने वाले लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को जानकारी दी कि प्रदेश के कुछ स्थानों में नुकसान हुआ। शासन प्रशासन को पूरी तरह से अलर्ट पर रखा गया है। इस बीच भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी ने बताया कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री आपदा के संबंध में राज्य से लगातार रिपोर्ट ले रहे हैं और स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए हैं।
मंगलवार को सुबह प्रधानमंत्री मोदी ने दूरभाष पर मुख्यमंत्री धामी से बात की। उन्होंने राज्य में अतिवृष्टि से हुए नुकसान और संचालित बचाव व राहत कार्यों के बारे में पूछा। प्रधानमंत्री ने प्रदेश को हर आवश्यक सहयोग दिये जाने के प्रति आश्वस्त किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को वस्तुस्थिति की जानकारी दी।
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नुकसान का जायजा लेने ग्राउंड जीरो पर सीएम धामी
उत्तराखंड में पिछले दो दिन के दौरान आई आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। उनके साथ आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ.धन सिंह रावत और पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार भी थे। उन्होंने न सिर्फ रुद्रप्रयाग, ऊधमसिंहनगर और नैनीताल में आपदा प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया, बल्कि ग्राउंड जीरो पर उतरकर आपदा प्रभावितों का हाल भी जाना। उन्होंने अधिकारियों को युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य करने के निर्देश दिए।
मंगलवार को उन्होंने गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पीड़ितों का हाल जाना। उन्होंने जिला प्रशासन को राहत और बचाव कार्य में कोई कोताही न बरतने के निर्देश दिए। पीड़ितों की फौरीतौर पर सहायता के लिए उन्होंने जिलाधिकारियों को फ्री हैंड दिया। वह देर रात तक हल्द्वानी के प्रभावित क्षेत्र में मौजूद रहे।
रुद्रप्रयाग पहुंचे, अधिकारियों को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने पीड़ितों का हाल जानने की शुरुआत रुद्रप्रयाग जिले से की। जिले के प्रभावित इलाके का हवाई निरीक्षण करने के बाद जिला मुख्यालय में उन्होंने डीएम और जिलास्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। उन्हें राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके बाद धामी ने कुमाऊं मंडल का दौरा कर रुद्रपुर और किच्छा समेत सभी आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। पीड़ितों की बात सुनी और उनके सामने आ रहीं समस्याओं के तत्काल समाधान के निर्देश दिए।
दिन में रुद्रपुर, रात को हल्द्वानी में
रात को धामी हल्द्वानी गए और उन्होंने अधिकारियों से आपदा के प्रभाव की विस्तृत जानकारी हासिल की। उन्होंने हवाई सर्वेक्षण के बाद पंतनगर में जिलाधिकारी व एसडीआरएफ के अधिकारियों से राहत कार्यों के संबंध में चर्चा की। रुद्रपुर में स्थानीय लोगों से मिले। अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
नुकसान का आकलन कर जल्द रिपोर्ट भेजें डीएम
सीएम फिर से सचिवालय स्थित राज्य आपदा कंट्रोल रूम पहुंचे और वहां प्रदेश में बारिश से हुए नुकसान की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अतिवृष्टि से जानमाल का जो नुकसान हुआ है, प्रभावितों को मानकों के अनुसार जल्द सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों अतिवृष्टि से किसानों को हुए नुकसान का आकलन कर जल्द रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए।
यात्रा मार्गों पर फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकालें
मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में सेना से तीन हेलीकॉप्टर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने जिलाधिकारी चमोली एवं रुद्रप्रयाग को फोन कर निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों पर फंसे यात्रियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए।