तीन दिन की बारिश के बाद राजधानी में बृहस्पतिवार की सुबह की शुरुआत घने कोहरे से हुई। इसके बाद करीब दस बजे धूप खिल गई। दिन में तेज धूप की वजह से ठंड से कुछ राहत मिली। अब अगले तीन दिन शीतलहर और कोहरा परेशानी बढ़ाएगा।
मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि शुक्रवार को भी मौसम खुला रहेगा। कहीं बारिश की संभावना नहीं है। सुबह को घना कोहरा आ सकता है। 10, 11 और 12 जनवरी को देहरादून और आसपास के इलाकों में शीतलहर चल सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी है।
तीन घंटे बंद रहा ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे
ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर बृहस्पतिवार को व्यासी से अटाली होटल के बीच पहाड़ी दरकने से बड़ी मात्रा में बोल्डर और मलबा सड़क पर आ गया। इसके बाद सड़क के दोनों ओर कई किलोमीटर तक वाहनों का लंबा जाम लग गया। आननफानन एनएच विभाग ने पोकलैंड की सहायता से मलबे को हटाने का काम शुरू किया। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद वाहनों की आवाजाही के लिए केवल सिंगल रैंप तैयार किया जा सका।
कुमाऊं के चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल में बुधवार रात से बृहस्पतिवार तड़के तक हुई भारी बर्फबारी और बारिश लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। कई इलाकों में सड़कें बंद हैं तो कई जगह बिजली और संचार सेवा ठप है।
आरतोला में पटोरिया टेलीफोन एक्सचेंज के मजदूर की ठंड से मौत हो गई। शव बर्फ में दबा मिला है। तराई-भाबर में कल रात हुई बारिश के बाद बृहस्पतिवार सुबह धूप खिली लेकिन ठंड से छुटकारा नहीं मिला।
चंपावत, पिथौरागढ़, नैनीताल, चंपावत में बृहस्पतिवार सुबह जब लोगों की आंख खुली तो धरा बर्फ की चादर ओढ़े नजर आई। बर्फबारी के कारण थल-मुनस्यारी सड़क छठे दिन भी बंद रही। सीमांत के दारमा, चौंदास, ब्यास सहित छिपला केदार घाटी के दर, बोंगलिंग, नागलिंग, दुग्तु, दांतु में तीन फीट तक हिमपात हुआ है। तिदांग और कुटी पोस्ट में आईटीबीपी जवानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
टनकपुर-पिथौरागढ़ निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग मलबा आने के कारण आठ घंटे से अधिक बंद रहा। चंपावत, लोहाघाट, पाटी और बाराकोट, कनालीछीना, बेड़ीनाग आदि क्षेत्र में करीब ढाई लाख की आबादी को बिना बिजली के रहना पड़ा। यहां सैकड़ों गांवों में अंधेरा छाया हुआ है। लोहाघाट में पेड़ गिरने से पांच घंटे तक मार्ग बंद रहा।
बागेश्वर जिले में पिछले पांच दिन हो रही बारिश और बर्फबारी के चलते बागेश्वर-गिरेछीना समेत कई सड़कें बंद हैं। पेड़ गिरने से कई जगह बिजली लाइनें टूट गई हैं। शामा, भनार, रमाड़ी, नामती चेटाबगड़ समेत 55 गांवों और पिंडारी रूट पर 25 गांवों में बिजली की आपूर्ति ठप रही।
रानीखेत के चौबटिया में सीजन का दूसरा और साल का पहला हिमपात हुआ। नैनीताल में निचले क्षेत्रों में तीन से चार इंच और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में नौ से 10 इंच तक हिमपात हुआ। बर्फबारी से बुधवार रात से शहर में बिजली गुल हो गई थी। बृहस्पतिवार सुबह पेयजल सप्लाई भी ठप रही।
रुड़की के भगवानपुर में बृहस्पतिवार को भी लोगों को जाम से दो चार होना पड़ा। वह भी एक या दो नहीं, बल्कि पांच घंटे। मक्खनपुर के पास सर्विस रोड पर एक वाहन के दलदल में धंसने से करीब चार किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इससे लोग हलाकान रहे। आलम यह था कि पुलिस सूचना दिए जाने के दो घंटे बाद पहुंची। सुबह सुबह जाम लगने से जहां कई लोग अपनी ड्यूटी पर समय से नहीं पहुंच सके, वहीं दूध की आपूर्ति भी प्रभावित हुई।
दिक्कत बुधवार की रात से ही शुरू हो गई थी। रात भर बारिश के कारण भगवानपुर हाईवे की सर्विस रोड पर दलदल हो गया था। इस पर वाहन मुश्किल से पास हो रहे थे। बृहस्पतिवार को सुबह करीब आठ बजे एक ट्रक देहरादून से रुड़की की तरफ आ रहा था, जैसे ही यह ट्रक मक्खनपुर के पास पहुंचा, तभी अचानक से दलदल में धंस गया। इसके धंसते ही पीछे लंबा जाम लग गया। एक साइड जाम लगने से वाहन चालकों ने सर्विस रोड की दूसरी साइड से वाहनों को निकालना शुरु किया। ऐसे में दूसरी साइड भी जाम हो गई।
जब एक घंटे तक जाम नहीं खुला तो लोगों ने पुलिस को फोन किया। पुलिस भी करीब दो घंटे बाद पहुंची। पुलिस ने स्थिति संभालने के लिए रुड़की की ओर आ रहे और देहरादून की ओर जा रहे वाहनों को दूसरे रास्ते से भेजना शुरू किया। इसके बाद धंसे वाहन को निकाला गया, तब कहीं करीब पांच घंटे बाद दोपहर एक बजे के आस पास जाम खुल पाया। जाम लगने के कारण क्षेत्र में जहां दूध की आपूर्ति पर असर पड़ा, वहीं देहरादून और सहारनपुर ड्यूटी पर जाने वाले भी समय से काम पर नहीं पहुंच सके। पुलिस की सख्ती के बाद सड़क निर्माण में लगे ठेकेदार ने सड़क के किनारे का दलदल हटवाने के साथ ही सड़क के गड्ढे भरे।