मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि बुधवार को दिनभर ऐसा ही मौसम रहेगा। बृहस्पतिवार को हल्की राहत के आसार हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल पहाड़ों में बर्फबारी और रात को पाला पड़ने से हाड़ कंपाने वाली ठंड होगी। जबकि मैदानी इलाकों में शीतलहर चलेगी। मौसम विभाग के अनुसार नौ जनवरी को भी कुछ स्थानों पर शीत से तीक्षण दिवस हो सकता है। 10 और 11 जनवरी को हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में घना कोहरा छाया रहेगा।
केंद्र की ओर से राज्य सरकार को सलाह दी गई है कि आठ जनवरी को अधिक बर्फबारी के कारण दो हजार मीटर या इससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सड़कों के अवरुद्ध होने की आशंका है। बर्फबारी से पर्वतीय क्षेत्र की सड़कों पर फिसलन की स्थिति हो सकती है। यात्रियों और पर्यटकों को सतर्क रहने और राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाने की सलाह दी गई है।मंगलवार को मसूरी में भी दिनभर बारिश होती रही। पर्यटन स्थल धनोल्टी में बारिश के बीच हल्की बर्फबारी हुई।
चमोली व उत्तरकाशी के 180 गांव बर्फ में कैद
उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री और गंगोत्री सहित समुद्र तट से दो हजार मीटर की ऊंचाई पर स्थित करीब 100 गांव बर्फ से ढक गए हैं। यमुनोत्री और गंगोत्री हाईवे समेत करीब आधा दर्जन सड़कें बर्फ से बंद हो गई है। चमोली जिले में करीब 80 गांवों में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। पैदल रास्ते और पानी के स्रोत भी जम गए हैं।
जोशीमठ-औली, जोशीमठ-बदरीनाथ-माणा, चमोली-मंडल-ऊखीमठ, घाट-रामणी और कर्णप्रयाग-गैरसैंण मोटर मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। जोशीमठ-मलारी हाईवे पर तपोवन से आगे भारी मात्रा में बर्फ जमने से सेना के वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई है। बदरीनाथ धाम के साथ ही हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, गौरसों बुग्याल, औली सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला पूरे दिन जारी रहा।
मौसम के बदले मिजाज के बीच जौनसार बावर की ऊंची चोटियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गईं। लोखंडी, देववन, खंडबा, व्यास शिखर, मुंडाली, मोयला टॉप समेत कई ऊंची चोटियों पर छह इंच से एक फिट तक बर्फबारी हुई।
बर्फबारी के चलते पूरा क्षेत्र कड़ाके की ठंड की चपेट में आ गया है। वहीं चकराता छावनी बाजार क्षेत्र में भी शाम करीब पांच बजे से बर्फबारी का दौर शुरू हो गया। चकराता छावनी बाजार में यह सीजन का दूसरा हिमपात है जबकि, ऊंची चोटियों पर सीजन की यह तीसरी बर्फबारी है।
रविवार शाम से ही चकराता और आसपास के इलाकों में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया। सुबह होते-होते ऊंची चोटियों पर बर्फबारी का दौर शुरू हो गया। दोपहर तक ऊंची चोटियों पर छह इंच से लेकर एक फिट तक बर्फ पड़ गई।
उधर, ऊंची चोटियों पर बर्फबारी की सूचना मिलते ही चकराता में ठहरे पर्यटकों ने बड़ी संख्या में देवबन व लोखंडी का रुख किया। बड़ी संख्या में पर्यटक बर्फबारी में मौज-मस्ती करते नजर आए। यहां सभी जगह ऊंची चोटियां पर्यटकों से गुलजार नजर आई। वहीं कड़ाके की सर्दी के चलते बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।
मौसम लगातार नया रिकॉर्ड बना रहा है। पिछले 12 वर्षों में पहली बार जनवरी 2020 में छह और सात जनवरी को बदरा बरसे। बारिश के चलते अधिकतम तापमान भी दो डिग्री सेल्सियस गिर गया। मंगलवार की सुबह से ही बादलों ने आसमान में डेरा डाल रखा था। सुबह से बूंदाबांदी हो रही थी। शाम को भी बारिश हुई।
हल्द्वानी का अधिकतम तापमान 18.0 और न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस कम और न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 5.4 और न्यूनतम तापमान 0.3 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से छह और न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस कम रहा।
मौसम खराब होने से नैनीसैनी से सभी उड़ानें रद्द
मौसम की खराबी के कारण नैनीसैनी एयरपोर्ट से मंगलवार को सभी उड़ानें रद्द कर दी गईं। विजिबिलिटी नहीं होने से देहरादून से विमान पिथौरागढ़ नहीं आ सका। यात्रियों को घंटों इंतजार के बाद वापस लौटना पड़ा। नैनीसैनी के लिए पहली फ्लाइट देहरादून से आती है।
मौसम विभाग देहरादून की ओर से आज आठ जनवरी तक ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश व शीतलहर की चेतावनी के चलते चमोली जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने विभागीय अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने सड़क से संबंधित विभागों एनएचआईडीसीएल, एनएच, लोनिवि, पीएमजीएसवाई, एडीबी, बीआरओ, डब्ल्यूडी को निर्देश दिए हैं कि मार्ग बाधित होने पर उसे तत्काल खोला जाए। आपदा या दुर्घटना की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करते हुए सूचना का आदान-प्रदान करें।
जिलाधिकारी ने सभी पटवारियों, ग्राम पंचायत अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में बने रहने के निर्देश दिए हैं। किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति में दूरभाष नंबर 0137225143, टोल फ्री नंबर 1077, मोबाइल नंबर 9068187120 और 7055753124 पर सूचना देने को कहा गया है।
साथ ही, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों को अनुमति नहीं देने और नगरों व कस्बों के प्रमुख स्थलों पर अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने आम लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है।