वहीं शुक्रवार को गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग में नगुण के पास मलबा आने के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया है। उक्त स्थान पर बीआरओ की मशीनरी तैनात है। वर्तमान में यहां पत्थर गिर रहें हैं। बड़कोट में यमुनोत्रीधाम सहित यमुनाघाटी में तड़के से रिमझिम बारिश हो रही है। यमुनोत्री हाईवे फिलहाल सुचारू है।
मलबा आने से दो घंटे बंद रहा बदरीनाथ हाईवे
तोताघाटी के पास मलबा गिरने से बदरीनाथ हाईवे दो घंटे तक बाधित रहा। इस दौरान वाहनों को मलेथा से चंबा और ऋषिकेश से वाया नरेंद्रनगर के रास्ते भेजा गया। शुक्रवार तड़के हुई बारिश के कारण बदरीनाथ हाइवे पर कई स्थानों पर पत्थर गिर रहे थे। लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड श्रीनगर गढ़वाल के सहायक अभियंता बीएन द्विवेदी ने बताया कि 11 बजे तोताघाटी के पास पहाड़ी से अचानक मलबा हाईवे पर आ गया था।
मलबे आने की सूचना मिलने के बाद दोनों ओर से वाहनों को रोका गया। इस दौरान इस दौरान वाहनों को मलेथा से चंबा और ऋषिकेश वाया नरेंद्रनगर के रास्ते भेजा गया। करीब दो घंटे बाद मलबा साफ हो सका। उसके बाद मार्ग पर वाहनों की आवाजाही शुरु हो गई। वहीं जोशीमठ और ऊखीमठ से आने वाली रोडवेज की बस वाया मलेथा, बीपुरम चंबा होकर ऋषिकेश पहुंची। रोड खुलने के बाद भी कुछ वाहन चालकों ने नरेंद्रनगर, चंबा के रास्ते श्रीनगर गढ़वाल जाने में भलाई समझी।
हाईवे पर मलबा आने से घंटों फंसे रहे वाहन
पिंडरघाटी में हुई भारी बारिश से कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे मींगगदेरा और थराली के बीच कई स्थानों पर मलबा गिरने से बंद हो गया। इस दौरान सुबह चार बजे से हाईवे पर वाहनों की आवाजाही बंद रही। इस दौरान देहरादून, कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग, श्रीनगर सहित थराली, ग्वालदम जाने वाले सैकड़ों वाहन घंटों तक जाम में फंसे रहे। थानाध्यक्ष डीएस पंवार ने बताया कि शुक्रवार सुबह 11 बजे करीब सात घंटे बाद हल्के वाहनों के लिए मार्ग खोल दिया गया, जबकि भारी वाहनों की आवाजाही दोपहर एक बजे सुचारु हो पाई।
दोपहर बाद ही पिंडरघाटी में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बहाल की गई। वहीं थराली में भारी बारिश से कर्णप्रयाग-ग्वालदम-अल्मोड़ा हाईवे हरमनी, कालजाबर और कुलसारी में मलबा और बोल्डर आने से कुछ घंटे बंद रहा। वहीं थराली से सोल घाटी को जोड़ने वाली एक मात्र थराली-डुंगरी-घाट मार्ग प्राणमति के पास मलबा आने से बंद हो गया। पीएमजीएसवाई मार्ग खोलने में जुटी है।