मौसम की बेरुखी से हालात यह हैं कि अगस्त्यमुनि ब्लॉक के बच्छणस्यूं, रानीगढ़, धनपुर, तल्लानागपुर, जखोली के भरदार, सिलगढ़, लस्या और ऊखीमठ के केदारघाटी, कालीमठ घाटी, तुंगनाथ व मद्महेश्वर घाटी में कई गांवों में रवि की फसलें चौपट हो चुकी हैं। बारिश के अभाव में खेतों की आर्द्रता तेजी से कम हो रही है, जो सही नहीं है।
जबकि ऊंचाई वाले गांवों में खेतों में नमी है। लेकिन रात को गिर रहा पाला फसलों को क्षति पहुंचा रहा है। इधर, सूखे के हालात को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने सूखा निगरानी केंद्र स्थापित कर तीन सदस्यीय समिति गठित की है। समिति द्वारा ब्लॉकवार सूखे का निरीक्षण कर एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी जाएगी। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई के तहत प्रभावित काश्तकारों को मुआवजा दिया जाएगा।
बीते पांच माह में सामान्य से भी 71 फीसदी बारिश हुई है, जिससे कृषि व उद्यानिकी पर व्यापक असर पड़ा है। सूखे के हालात का जायजा लेने के लिए इन दिनों टीम तीनों ब्लॉकों में निरीक्षण कर रही है। रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन के निर्देशों के तहत कार्रवाई की जाएगी। - एसएस वर्मा, मुख्य कृषि अधिकारी रुद्रप्रयाग