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Corona in Uttarakhand : स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका निभाने वाले 170 कोरोना योद्धाओं को हटाने की तैयारी

Sat, 06 Feb 2021 10:49 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal दीप चंद्र बेलवाल, अमर उजाला, रुद्रपुर
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कोरोना वायरस: जांच के लिए सैंपल देते लोग - फोटो : अमर उजाला (File Photo)
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कोरोना काल में स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका निभाने वाले जिले के 170 योद्धाओं को 28 फरवरी को सेवा मुक्त कर दिया जाएगा। हैरानी की बात है कि कांट्रेक्ट पर रखे गए इन योद्धाओं में से 50 से अधिक एएनएम को जुलाई 2020 से वेतन नहीं मिला है। इसके बावजूद एएनएम लगातार मानव सेवा के लिए तत्पर रहीं। सेवा मुक्त होने से अब कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलने का डर सता रहा है। 
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कोरोना संक्रमण के चलते 23 मार्च को देश में लॉकडाउन घोषित कर दिया गया था। ऐसे में कोरोना योद्धा बनकर स्वास्थ्य कर्मियों ने ड्यूटी कर अपने कर्तव्यों का पालन किया। ड्यूटी के दौरान कई स्वास्थ्य कर्मचारी खुद भी कोरोना की चपेट में आ गए थे। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और स्वस्थ होने के बाद फिर से मानव सेवा में तत्परता से जुट गए थे।

कोरोना काल में स्वास्थ्य कर्मियों की कमी होने पर 170 स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना संक्रमितों के इलाज और उनकी सेवाओं के लिए नियुक्त किया गया था। इन कर्मचारियों को 28 फरवरी को सेवा मुक्त करने की तैयारी स्वास्थ्य महकमे ने अंदरखाने शुरू कर दी है। ऐसे में कर्मचारी अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं।
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उनका कहना है कि आपदा के समय उनका इस्तेमाल कर अब सरकार उनकी उपेक्षा कर रही है। हद तो यह है कि एएनएम को आठ माह से वेतन तक नहीं दिया गया है। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग ने एनएचएम योजना से वेतन के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजा है। 
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बैंक खाते में नहीं दर्शाया गया है ईपीएफ का पैसा  

कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन में12 प्रतिशत तक की कटौती की गई थी। बैंक खाते में वेतन आने के बाद ईपीएफ की कटौती को नहीं दर्शाया गया है। कर्मचारियों को भय है कि नौकरी जाने पर उनका ईपीएफ का पैसा भी नहीं मिलेगा।  

कोरोना काल के समय जिले में कर्मचारियों की कमी को देखते हुए नियुक्ति की गई थी। शासनादेश के आधार पर कर्मचारियों को अलग-अलग अस्पतालों में भेजा गया। तैनाती के दौरान ही बताया गया था कि 28 फरवरी तक उनकी सेवाएं रहेंगी। कर्मचारियों की सेवाएं जारी रखने के लिए अभी तक कोई नया आदेश नहीं मिला है।
- डीएस पंचपाल, सीएमओ

कोराना मुक्त हुआ बागेश्वर

बागेश्वर जिला कोरोना मुक्त हो गया है। वर्तमान में कोरोना का कोई सक्रिय मामला नहीं है। शुक्रवार को एक कोरोना मरीज को डिस्चार्ज करने के बाद जिले में कोरोना मरीजों की संख्या शून्य हो गई है।

जिले में 30 जनवरी से कोरोना को कोई नया मामला नहीं आया है। कोरोना मुक्त होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। सीएमओ डॉ. बीडी जोशी ने बताया कि बागेश्वर जिला एक बार फिर कोरोना मुक्त हो गया है। वर्तमान में यहां कोरोना का कोई सक्रिय मामला नहीं है। अब तक 1410 लोग कोरोना की चपेट में आए हैं।

जिले में अब तक कोरोना संक्रमित 17 लोगों की मौत हुई, जबकि 1393 ठीक हो चुके हैं। सीएमओ ने बताया कि कोरोना जांच के लिए रोजाना सैंपल भेजे जा रहे हैं। शुक्रवार को 199 सैंपल भेजे गए। अब तक 48655 सैंपल जांच को भेजे जा चुके हैं।
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