फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand Weather Update: मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे बंद, भवाली-नैनीताल रोड पर सड़क का हिस्सा धंसा

Sun, 06 Sep 2020 10:58 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
बदरीनाथ हाईवे - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

राजधानी देहरादून और आसपास के कई इलाकों में आज भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अलावा पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर जिलों में भी कुछ स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, अगले दो दिन बारिश से कुछ राहत रह सकती है। 

विज्ञापन


वहीं, आज सुबह चारधाम यात्रा मार्ग पर क्षेत्रपाल में मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे बंद हो गया। अन्य जगहहों पर हाईवे सुचारू है। वहीं, बदरीनाथ हाईवे पर क्षेत्रपाल के बाद अब बिरही डेंजर जोन बना हुआ है। यहां पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन के कारण बार-बार जाम की स्थिति पैदा हो रही है। 

शनिवार को हाईवे पर भारी मात्रा में मलबा आने से करीब पांच घंटे तक हाईवे बंद रहा। इस दौरान बदरीनाथ धाम जा रहे श्रद्धालुओं के साथ ही सेना के जवानों व स्थानीय लोगों ने वाहनों में बैठकर ही हाईवे खुलने का इंतजार करना पड़ा। 
विज्ञापन


वहीं, नैनीताल-हल्द्वानी हाईवे भूस्खलन के कारण यातायात के लिए बंद हो गया। मलबा हटाने के लिए एनएच ने जेसीबी भेज दी है। हाईवे बंद होने से दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई है। 

सामरिक महत्व की तवाघाट-सोबला सड़क एक माह से बंद

चीन सीमा को जोड़ने वाली सामरिक महत्व की तवाघाट-सोबला सड़क पिछले एक माह से अधिक समय से बंद है। इस कारण सीमा पर जा रहे सैनिकों और स्थानीय लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। सीमा पर चीन की बढ़ती गतिविधियों के मद्देनजर इस सड़क का निर्बाध खुले रहना जरूरी है। 

इधर, भारत सेना ने भी सीमा पर अपनी गतिविधियां बढ़ा दीं हैं। तवाघाट से सोबला तक बीआरओ सड़क निर्माण का कार्य कर रहा है। बजट नहीं होने के चलते बीआरओ आपदा में ध्वस्त सुरक्षा दीवारों को नहीं बना पा रहा है। 

लोनिवि के एई जीसी भट्ट का कहना है कि नारायण पुर, ओखल में क्षतिग्रस्त दीवारों का निर्माण किया जा रहा है। जल्द वाहनों की आवाजाही सुचारु हो जाएगी। सेवानिवृत्त फ ॉरेस्ट एडीजी बिशन सिंह बौनाल ने तवाघाट-सोबला सड़क को शीघ्र खोलने की मांग की है। 

चीन सीमा को जोड़ने वाली इस सड़क के बंद होने से दारमा और चौंदास के 28 गांवों के साथ ही 22 अन्य गांवों के लोगों को दिक्कतें हो रहीं हैं। ग्रामीणों ने सड़क को शीघ्र नहीं खोलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। 

नैनीताल-हल्द्वानी सड़क में भू धंसाव से पड़ीं दरारें

बरसात के चलते नैनीताल-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग में भू-धंसाव के कारण दरारें पड़ गई हैं, जिससे सड़क धंसने का खतरा बना हुआ है। क्षेत्र में भूस्खलन, भूकटाव की तस्वीरें सामने आ रही हैं।

इसी बीच नैनीताल हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग में भी कई जगह भू-धंसाव होने लगा है। दो गांव और ताकुला के पास सड़क धंसने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर दो गांव में भू-धंसाव के कारण सड़क बैठ रही है। 

वहीं, दूसरी ओर भू-धंसाव के कारण ताकुला के पास करीब 30 से 40 मीटर सड़क में दरार पड़ गई हैं। जल्द मरम्मत नहीं होने पर सड़क के टूटने का खतरा बना हुआ है। अधिशासी अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है, जल्द ही विभागीय टीम से निरीक्षण करवाकर मरम्मत कराया जाएगा।
विज्ञापन

नैनीताल-भवाली रोड में कैलाखान के पास धंसा सड़क का बड़ा हिस्सा 

लगातार हो रही बारिश के चलते भवाली-नैनीताल रोड पर कैलाखान के पास सड़क का बड़ा हिस्सा धंस चुका है। हादसे से बचाव के लिए लोनिवि ने धंसाव वाली जगह पर पत्थर रख दिए हैं। सड़क पर यातायात सुचारु है। 

बता दें कि कैलाखान के पास पहाड़ी की तलहटी पर बलियानाला बहता है, इस कारण इस स्थान पर हर साल सड़क में धंसाव होता है। लोनिवि की ओर से धंसाव वाली जगह में रोड़ी, बजरी और डामर बिछाकर उसे समतल किया जाता रहा है।

इसके बाद भी हर साल सड़क यहां पर धंस जाती है। पिछले साल की तुलना में इस बार सड़क का बड़ा हिस्सा धंस रहा है। साथ ही एक स्थान पर गड्ढा भी हो गया है। इस कारण यातायात भी प्रभावित हो रहा है और दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें