केदारनाथ में तेजी से पिघल रही बर्फ
केदारनाथ धाम में बीते एक सप्ताह से दोपहर बाद खराब हो रहे मौसम के बावजूद मंदिर परिसर और मंदिर मार्ग पर जमा बर्फ तेजी से पिघल रही है। यहां अब दो फीट तक बर्फ रह गई है। दूसरी तरफ गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर लिनचोली से केदारनाथ तक बर्फ हटाने का कार्य जोरों पर चल रहा है। डीडीएमए की ओर से बेस कैंप तक बर्फ हटाकर रास्ते को आवाजाही लायक बना दिया है। साथ ही एमआई-26 हेलीपैड पर जमा बर्फ को हटा दिया गया है। केदारनाथ पुनर्निर्माण से जुड़े मनोज सेमवाल बताते हैं कि मंदिर मार्ग से परिसर तक रोजाना आईटीबीपी व पुलिस जवानों की आवाजाही हो रही है, जिससे बर्फ तेजी से पिघल रही है। उन्होंने बताया कि बीते छह वर्षों में यह पहला मौका है, जब मार्च के तीसरे सप्ताह में केदारनाथ मंदिर परिसर में इतनी कम बर्फ है। दूसरी तरफ यात्रा तैयारियों को लेकर गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग को बर्फ प्रभावित क्षेत्र लिनचोली से बेस कैंप तक आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। कार्यदायी संस्था के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि पैदल मार्ग से धाम तक घोड़ा-खच्चरों की आवाजाही हो रही है।
तीन दिन हल्की बारिश-ओलावृष्टि के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र ने आगामी दिनों में मौसम में बदलाव के संकेत दिए हैं। पर्वतीय क्षेत्रों खासकर उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। वहीं, 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्के हिमपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार 15 मार्च को पर्वतीय इलाकों में बारिश हो सकती है। 16 मार्च को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ समेत मैदानी क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना है। 17 मार्च को 3500 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हो सकती है। गरज के साथ बिजली चमकने और ओलावृष्टि के भी आसार हैं।