मसूरी में गलोगीधार की पहाड़ी से मलबा और पत्थर आने से मसूरी-देहरादून मार्ग एक फिर बंद हो गया। करीब एक घंटे तक मार्ग बंद रहने से सड़क पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पहाड़ी से बार-बार मलबा आने से पर्यटकों और लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
शुक्रवार को भी गलोगी की पहाड़ी से भारी भूस्खलन हुआ। इससे मसूरी, यमुनोत्री धाम, जौनपुर और रंवाई घाटी जाने वाले पर्यटक करीब एक घंटे तक जाम में फंसे रहे। मध्यप्रदेश से आए शांतनु ने कहा कि उनको यमुनोत्री धाम जाना है, लेकिन मार्ग बंद होने से करीब एक घंटे से फंसे हैं।
वहीं जौनपुर निवासी सुभाष ने कहा कि गलोगी की पहाड़ी से बार-बार मलबा आ रहा है, इससे सड़क पर चलना खतरनाक हो गया है। वहीं, लोनिवि के अपर सहायक अभियंता पुष्पेन्द्र कुमार खैरा ने बताया मलबा हटाने में जेसीबी मशीन लगी है, लेकिन बार-बार पत्थर गिरने से परेशानी हो रही है।
मसूरी के जौनपुर के नैनबाग चौकी के नेगियाणा के पास रिकवरी क्रेन अनियंत्रित होकर 200 फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में तीन लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को खाई से निकाला और 108 सेवा के माध्यम से अस्पताल भेजा।
कैंपटी थानाध्यक्ष नवीन चंद्र जुराल ने बताया कि नैनबाग चौकी के ग्राम घराड़ा में रिकवरी क्रेन किसी ट्रक को लेने गई थी। वापस आते समय बारिश के कारण नेगियाणा के पास मलबे से बचने के चक्कर में रिकवरी क्रेन अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। हादसे में क्रेन चालक अली खान (43) पुत्र मोहम्मद खान, रिजवान हुसैन (50) पुत्र हुसैन खान और नीरज (39) पुत्र राजबीर सिंह निवासी जीवनगढ़ विकासनगर घायल हो गए।
तीनों को स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने खाई से बाहर निकाला और नैनबाग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। कहा कि घटना की जांच की जा रही है। सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर है। इस मौके पर पुलिसकर्मी वीरेन्द्र तोमर, ह्दय नेगी, दिगपाल सिंह मौजूद रहे।