लगातार बढ़ रहे झील के जलस्तर से भूस्खलन के कारण नंदगांव, उठड़, पिपोला, रौलाकोट, गडोली, चांठी, तिवाडगांव समेत 17 बांध प्रभावितों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वर्ष 2010 के बाद से सरकार ने विशेषज्ञ कमेटी बनाकर प्रभावित गांवों का भू-गर्भीय सर्वे करवाया था।
सर्वे में 415 परिवारों को पुनर्वास के लिए चिह्नित किया गया था लेकिन भूमि न मिलने के कारण प्रभावितों का पुनर्वास नहीं हो पाया। प्रभावित परिवार खतरे की जद में रहने को मजबूर बने हुए हैं।
प्रभावितों के पुनर्वास लेकर सरकार गंभीरता से प्रयास कर रही है। चार सितंबर को इस संबंध में शासन में बैठक में हो चुकी है। आयुक्त गढ़वाल की अध्यक्षता में प्रभावितों की समस्याओं के निराकरण को कमेटी बनाई गई है। उम्मीद है कि जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
- डा. धन सिंह नेगी विधायक टिहरी।