उत्तरकाशी में शनिवार सुबह से ही जिले की निचली घाटियों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया है। गंगोत्री-यमुनोत्री धाम में हिमपात शुरू हो गया है। मौसम में आए इस बदलाव से हिमाच्छादित क्षेत्रों में बने परीक्षा केंद्रों के बोर्ड परीक्षार्थियों के माथे पर चिंता की लकीर खींच दी है।
इस बार सर्दियों में बीते 21 जनवरी से शुरू हुआ बारिश और बर्फबारी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार शाम करीब पांच बजे से जिले की निचली घाटियों में हल्की बूंदाबांदी और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया है। यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम के साथ ही गंगा घाटी में उपला टकनौर, यमुना घाटी में गीठ वजरी पट्टी व मोरी प्रखंड में हरकीदून घाटी में हिमपात हो रहा है। बारिश और बर्फबारी से तापमान में गिरावट आ गई है। शनिवार को जिला मुख्यालय पर अधिकतम तापमान 15 डिग्री व न्यूनतम 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
शनिवार को बारिश-बर्फबारी का सिलसिला फिर शुरू होने व मौसम विभाग द्वारा अगले दो दिन तक इसके जारी रहने के पूर्वानुमान ने बोर्ड परीक्षार्थियों की चिंता बढ़ा दी है। हिमाच्छादित क्षेत्रों में बने परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए छात्र-छात्राओं को बर्फ से ढकी पगडंडियां लांघने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। डीएम डा. आशीष चौहान ने संबंधित एसडीएम एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को बोर्ड परीक्षार्थियों की सहूलियत का ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं।
केदारनाथ सहित द्वितीय केदार मद्महेश्वर व तृतीय केदार तुंगनाथ सहित चोपता, दुगलबिट्टा, बनियाकुंड सहित जनपद के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दिनभर रुक-रुककर हिमपात होता रहा। जबकि निचले इलाकों में घने बादल छाए रहे। मौसम के बिगड़े मिजाज से ठंड पुन: लौट आई है।
दो दिन के सुहावने मौसम के बाद शनिवार तड़के से ही केदारनाथ में हल्की बर्फबारी शुरू हो गई थी, जो पूरे दिन जारी रही। इस दौरान धाम में करीब आधा फीट नई बर्फ जम चुकी है। जबकि पहले से 16 फीट से अधिक बर्फ मौजूद है। यहां अधिकतम तापमान 9 और न्यूनतम माइनस 3 डिग्री सेल्सियश दर्ज किया गया। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग भी जंगलचट्टी से धाम तक 6 से 14 फीट तक बर्फ मौजूद होने के कारण आवाजाही ठप है।
धाम में बीते 21 जनवरी से बिजली, पानी की सप्लाई ठप है। जबकि बीते दस दिन से यहां भारत संचार निगम की मोबाइल सेवा भी बंद पड़ी हुई है। इधर, मद्महेश्वर व तुंगनाथ सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है। जबकि जिला मुख्यालयय सहित निचले इलाकों में घने बादल छाए रहने से ठंड का प्रकोप बना रहा।
प्रदेश के तीन जिलों में आज रात से बारिश हो सकती है। साथ ही कुछ इलाकों में ओले गिरने का भी अनुमान है। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार शनिवार रात से अगले 24 घंटों के दौरान राजधानी देहरादून, पौड़ी और नैनीताल में तेज बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। इसको देखते हुए मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि प्रदेश के अन्य स्थानों में मौसम साफ रहने का अनुमान है।
पिथौरागढ़ के मुनस्यारी में शनिवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। मुनस्यारी की ऊंची चोटियों में हिमपात हुआ। हिमपात के कारण सीमांत क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मुनस्यारी सड़क चौथे दिन हल्के वाहनों के लिए खुल गया है।
सुबह से ही तेज हवाओं का दौर चलता रहा। मुनस्यारी के हंसलिंग, खलियाटॉप, पंचाचूली, नामिक क्षेत्र में शनिवार को दिनभर बर्फबारी होती रही। निचले इलाकों में कई जगह हल्की बारिश हुई। बर्फबारी के कारण निचले इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन यानि कि मंगलवार तक बारिश का अंदेशा जताया है।
थल मुनस्यारी मोटर मार्ग बीते बुधवार को भारी हिमपात के कारण बंद हो गया था। लोनिवि ने स्नो कटर लगाकर सड़क से बर्फ हटवाई। शनिवार को शाम चार बजे हल्के वाहनों के लिए सड़क खुल गई है। सड़क में अब भी जोखिम बना हुआ है। सड़क में वाहनों के पास लेने के लिए जगह नहीं बन पाई है। सड़क के किनारे बर्फ पटी पड़ी है। सड़क किनारे से बर्फ हटने के बाद ही भारी वाहनों का संचालन हो पाएगा। आने वाले दिनों में बर्फबारी और बारिश की संभावना के चलते लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।