पश्चिमी विक्षोभ और पहाड़ी हवाओं का असर
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बदलाव के पीछे मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में बादल छाए रहे और बारिश हो रही है। इसके साथ ही हिमालयी क्षेत्रों से आने वाली ठंडी हवाओं ने तापमान में और गिरावट ला दी। विशेषज्ञों का कहना है कि जब पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता है, तो यह अरब सागर और भूमध्यसागर क्षेत्र से नमी लेकर आता है। यही नमी बादलों का निर्माण करती है और बारिश का कारण बनती है। इसके चलते सूर्य की किरणें सीधे जमीन तक नहीं पहुंच पातीं, जिससे तापमान में कमी आती है।
आगे भी मौसम रहेगा बदला-बदला
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले कुछ दिनों तक मौसम का यही रुख बना रह सकता है। हल्की बारिश, बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं के चलते तापमान सामान्य से नीचे रहने का अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार आठ अप्रैल को देहरादून समेत टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिले के कुछ हिस्सों में बिजली चमकने के साथ ओलावृष्टि और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफान चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अन्य जिलों में भी बिजली और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया गया है। जबकि तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है।