सूचना पर डीएफओ मयंक गर्ग भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने शव के पोस्टमार्टम के लिए कहा तो परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। डीएफओ ने उन्हें समझा बुझाकर मुआवजे के लिए पोस्टमार्टम को अनिवार्य बताया। वन विभाग की सूचना पर सहसपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची।
फिर पुलिस ने शव को मोर्चरी में भिजवाया। परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों के विरोध के बीच शव को उप जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। डीएफओ ने कहा कि गुलदार के हमले से माैत की आशंका को देखते हुए जंगल में गश्त बढ़ा दी गई है।