टिहरी जिले में बारिश से ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर हो रहा भू-धंसाव थम नहीं रहा है। रविवार देर शाम को आए मलबे के कारण कुम्हारखेड़ा के निवासियों की नींद उड़ गई। पहाड़ी से आया एक बोल्डर सड़क किनारे लगाई गई दीवार पर अटक गया, गनीमत रही कि बोल्डर सड़क से नीचे बस्ती में नहीं गिरा।
इधर भूस्खलन के कारण भारी मात्रा में मलबा आने से राज्य मार्ग-49 पर टिहरी-हिंडोलाखाल-देवप्रयाग-व्यासघाट व मालीखाल-बनपुरी-कपोलकाटल मोटर मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ऐसे में इन मार्गों पर 15 दिनों तक यातायात ठप रहेगा। सोमवार को जिला मुख्यालय व आसपास के क्षेत्रों में बारिश से 26 मोटर मार्ग बंद रहे। इसमें शाम तक 20 मोटर मार्गों को यातायात के लिए खोल दिए गए।
तीन दिन बाद भी दुरुस्त नहीं हो सका मालन पुल का वैकल्पिक मार्ग
छह जुलाई को मालन नदी के उफान में बहा तल्ला मोटाढाक ह्यूमपाइप कॉजवे वैकल्पिक मार्ग तीन दिन बाद भी दुरुस्त नहीं हो सका है। यहां पर तीन दिन से फंसे वाहनों को लोनिवि ने नदी में उतारकर आवागमन शुरू करा दिया है, लेकिन दो पहिया व हल्के वाहनों के लिए यहां से गुजरना खतरनाक बना है। लोनिवि के अधिकारियों का कहना है कि मौसम अनुकूल होने पर वैकल्पिक मार्ग को ठीक होने में तीन दिन और लगेंगे। वहीं कोटद्वार के आमसौड़ गांव में भूस्खलन के बाद पांच परिवारों ने गांव से पलायन कर लिया है। वहीं पांच अन्य परिवार रात को गांव में सड़क के नीचे के सुरक्षित घरों में शरण लिए हुए हैं।