बैसाखी के स्नान के बाद गुरुवार को अचानक सूरज का पारा चढ़ गया। 37.5 डिग्री तापमान पहुंचने से गुरुवार बीते 16 साल में सबसे अधिक गर्म दिन रहा। न्यूनतम तापमान में वृद्धि होने से शुक्रवार को रिकार्ड गर्मी 40 डिग्री सेल्सियस पारा पहुंचने का पूर्वानुमान है।
अप्रैल के पहले सप्ताह से ही पारा 34 से 36 डिग्री के आसपास है। पर्वतीय इलाकों में जंगलों की आग और उसका धुआं इसकी वजह मानी जा रही है। हरिद्वार में भी लगातार आग लगने की घटनाएं हो रही हैं। गुरुवार को अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री और न्यूनतम 18.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। ऋतु आलोकशाला के शोध पर्यवेक्षक नरेंद्र रावत के मुताबिक गुरुवार 16 सालों बाद सबसे अधिक गर्म दिन रहा।
15 अप्रैल 2004 को 38 डिग्री तापमान पहुंचा था, लेकिन तब भी न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा था, लेकिन इस साल 15 अप्रैल को न्यूनतम तापमान 2004 की तुलना में अधिक दर्ज हुआ। नरेंद्र रावत ने बताया कि शुक्रवार को पारा अधिकतम 40 डिग्री और न्यनतम 20 डिग्री सेल्सियस पहुंचने का अनुमान है। इससे सूरज आग उगलेगा।
कम बारिश और ठंड के बाद ज्यादा होगी गर्मी
मौसम में लगातार बदलाव आ रहा है। बीते साल अक्टूबर और नवंबर में बारिश नहीं हुई। इसके चलते दिसंबर और जनवरी में ठंड कम रही। फरवरी से पारा 31 डिग्री सेल्सियस तक आ गया। मार्च महीने में 31 से 32 डिग्री तक रहा। अप्रैल के पहले सप्ताह से पारा 36 डिग्री तक पहुंचने लगा, लेकिन न्यूनतम तापमान 14 डिग्री होने से सुबह-शाम पंखे कूलर की जरूरत नहीं थी। दूसरे पखवाड़े से अधिकतम तापमान 37.5 पहुंचने से न्यूनतम पारा भी 18 डिग्री से अधिक आ गया है।
अप्रैल माह में पारा 40 डिग्री से अधिक पहुंच जाएगा। न्यूनतम पारा भी 21 डिग्री पार करेगा। इससे दोपहर में गर्म हवाएं शुरू हो जाएंगी। आग लगने की घटनाएं बढ़ने से तापमान भी बढ़ेगा।
- नरेंद्र रावत, शोध पर्यवेक्षक, ऋतु आलोकशाला