पारदर्शिता और जवाबदेही तय होगी
इस योजना से यह सुनिश्चित होगा कि निर्माण, मरम्मत हो या शिकायत निवारण, सबकुछ रिकॉर्ड में रहेगा। स्थानीय निवासी भी नागरिक संवाद वाले प्लेटफॉर्म पर जाकर अपनी जलापूर्ति की गुणवत्ता, पाइपलाइन की स्थिति और शिकायत रजिस्टर कर सकेंगे। केंद्र सरकार जल्द ही इस डिजिटल पहल को लागू करने के लिए राज्यों को विशेष बजट जारी करेगी और तकनीकी सहयोग भी प्रदान करेगी।
ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजना आईडी मॉड्यूल के संबंध में कुछ जानकारियां केंद्रीय मंत्रालय से मिल गई हैं। जैसे ही विस्तृत जानकारी आएगी, हम इसका प्रशिक्षण और आईडी बनाने का काम शुरू कर देंगे। उत्तराखंड सरकार भी भविष्य में इस डाटा के आधार पर पेयजल योजनाओं की निगरानी, रखरखाव कर सकेगी।
-विशाल मिश्रा, एमडी, जल जीवन मिशन