अस्पताल ले जाने के बजाय पहले खून साफ किया
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि हमले के दौरान पत्नी के सिर से काफी खून बहने लगा था जिससे घबराकर उसने पहले सारा खून साफ किया। फिर पड़ोसियों से पत्नी के बाथरूम में फिसलकर चोटिल होने की बात कही और उनकी मदद से आर्मी अस्पताल ले गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उसके बाद परिजनों तथा अन्य लोगों को मौत की सूचना दी। उस बीच घर की दीवारों पर लगे खून को भी पानी से साफ कर दिया था।
साक्ष्य भी मिटाने की कोशिश
पुलिस भले मामले को गैर इरादतन हत्या कह रही है लेकिन आरोपी ने साक्ष्य मिटाने की भी भरसक कोशिश की। घटना के अगले दिन खून लगी कांच की शराब की खाली बोतल, कांच के टूटे गिलास व सिलबट्टे को एक काले रंग के प्लास्टिक बैग में रखकर डाकरा रोड पर जंगल में फेंक दिया जिसे अभियुक्त की निशानदेही पर पुलिस टीम ने बरामद कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी प्रेम वर्ष 2007 में सेना से सेवानिवृत्त हुआ था। मिलिट्री अस्पताल में सीजीएचएस कार्ड से मुफ्त इलाज की सुविधा मिलने पर पत्नी को बीती पांच सितंबर को नेपाल से उपचार के लिए लाया था।