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उत्तराखंड: स्पीकर के बेटे को नियम विरुद्ध दी नियुक्ति, सहायक अभियंता के पद पर किया तैनात

Sat, 07 Apr 2018 03:30 PM IST
जूही प्रजापति, अमर उजाला, देहरादून
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prem chandra agarwal - फोटो : file photo
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पूर्व सैनिकों या उनके आश्रितों को नियुक्ति देने के लिए बनाई गई संस्था उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लि. (उपनल) से विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के बेटे पीयूष को नियम विरुद्ध तरीके से नौकरी दी गई है।

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उन्हें जल संस्थान में सहायक अभियंता के पद पर तैनाती मिली है। गैर सैनिक परिवारों से जुड़े लोगों की नियुक्ति पर रोक के बावजूद ऐसा कैसे संभव हुआ? नियमों की अनदेखी क्यों की गई? ऐसे कई सवाल हैं, जिनका जवाब कोई देने को तैयार नहीं है। मामला हाई प्रोफाइल होने के चलते उपनल और जल संस्थान के अफसर जानकारी होने से ही इंकार कर रहे हैं।

पीयूष अग्रवाल की जल संस्थान के पित्थूवाला जोन में सहायक अभियंता के पद पर तैनाती के बाबत पित्थूवाला जोन के अधिशासी अभियंता नमित रमोला की ओर से बीती 28 फरवरी को आदेश जारी किए गए। उक्त आदेश में पीयूष का कार्यकाल 31 मार्च 2019 तक होने की बात भी लिखी गई है।

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हरीश रावत सरकार में उपनल से मनमाने तरीके से भर्तियां की गईं थी

harish rawat
गौरतलब है कि पूर्ववर्ती हरीश रावत सरकार में उपनल से मनमाने तरीके से भर्तियां की गईं। मामला चर्चा में आने के बाद वर्ष-2016 में शासनादेश जारी कर सरकार ने गैर सैनिक पृष्ठभूमि के लोगों की उपनल के माध्यम से भर्ती पर रोक लगा दी थी।

सूत्रों ने बताया कि बेहद गुपचुप तरीके से विधानसभा अध्यक्ष के बेटे की उपनल के जरिए जल संस्थान में आउटसोर्स भर्ती की गई है। इसी के साथ जल संस्थान देवप्रयाग में सहायक अभियंता के पद पर संदीप कुमार और रायपुर में सुमित कुमार को नियुक्त किया गया है।

बताते हैं कि इन दोनों का भी सेना से कोई वास्ता नहीं है। चर्चा यह भी है कि इन सभी नियुक्तियों के पूर्व न साक्षात्कार हुए और ना ही वरीयता सूची बनाई गई। हैरान करने वाली बात यह भी है कि नियुक्तियों के संबंध में कोई सूचना भी प्रकाशित नहीं की गई।

 
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जल संस्थान में जरूरत थी, तो भर्ती कर दी...

premchandra aggarwal
मेरे बेटे ने इंजीनियरिंग कर ली थी, जल संस्थान में जरूरत थी, तो भर्ती कर दी।
-प्रेमचंद अग्रवाल, विधानसभा अध्यक्ष

उपनल के जरिए सिर्फ पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को ही सरकारी विभागों में नियुक्ति दिलाई जा सकती है। विधानसभा अध्यक्ष के बेटे की नियुक्ति हमारे यहां से नहीं हुई है, इस मामले में हमारी कोई गलती नहीं है।
- पीपीएस पाहवा, एमडी, उपनल

उपनल से केवल पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के लिए नियुक्ति की व्यवस्था है। अन्य सभी प्रकार की नियुक्तियों पर काफी पहले ही रोक लगाई जा चुकी है। यदि कोई भर्ती नियमों से हटकर की गई है, तो उसकी जांच करवाकर कार्रवाई करेंगे।
-आनंद वर्द्धन, प्रमुख सचिव (सैनिक कल्याण)
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