नियमितिकरण और समान काम के लिए समान वेतन की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे उपनल कर्मचारियों को राहत देने की कवायद शुरू हो गई है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव ओम प्रकाश की अध्यक्षता में उप समिति गठित
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के निर्देश पर मुख्य सचिव ओम प्रकाश की अध्यक्षता में उप समिति का गठन कर दिया गया है। इसमें उपनल कर्मचारी महासंघ के भी दो पदाधिकारियों को शामिल किया गया है।
22 हजार उपनल कर्मचारी लंबे समय से आंदोलनरत
प्रदेेश के करीब 22 हजार उपनल कर्मचारी लंबे समय से आंदोलनरत हैं। उनकी मांग है कि उनका विनियमितिकरण किया जाए और विनियमितिकरण होने तक समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाए।
उत्तराखंड सरकार ने गंभीरता से विचार किया
इस मांग पर सरकार ने गंभीरता से विचार किया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गुरुवार को मुख्य सचिव ओम प्रकाश की अध्यक्षता में उप समिति का गठन कर दिया गया। अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, सैनिक कल्याण विभाग, उप समिति में सदस्य सचिव होंगे।
उपनल कर्मचारी महासंघ के दो पदाधिकारी भी होंगे शामिल
प्रमुख सचिव न्याय, सचिव वित्त, सचिव कार्मिक, प्रबंध निदेशक उपनल, निदेशक सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास सदस्य के तौर पर शामिल रहेंगे। इसके साथ ही उप समिति में उपनल कर्मचारी महासंघ के दो पदाधिकारी को भी शामिल किया जाएगा। इन पदाधिकारियों को अलग से सैनिक कल्याण विभाग की ओर से बुलाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि उपनल कार्मिकों का राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यथासंभव उनके हित सुनिश्चित किए जाएंगे। उधर, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार का पूरा प्रयास है कि उपनल कर्मियों की सेवाशर्तो में सुधार हो। उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए सरकार कृतसंकल्प है।
मेट/बेलदारों का कलक्ट्रेट में प्रदर्शन
वहीं रुद्रप्रयाग में आउटसोर्सिंग मेट/बेलदार कर्मचारी संघ ने कलक्ट्रेट में रैली निकालकर प्रदर्शन किया। उन्होंने निजी कंपनी के तहत नियुक्त किए गए आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को उपनल व विभागीय संविदा पर रखने समेत अन्य मांगों का समाधान न होने पर आक्रोश जताया।