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Uttarakhand UCC: सशक्त होंगी महिलाएं, प्रदेश में जल्द लागू करेंगे यूसीसी, जानिए क्या बोलीं स्पीकर और मंत्री

Wed, 07 Feb 2024 07:15 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि सभी ने इसका समर्थन किया क्योंकि यह एक ऐसा विषय था जिसका विरोध नहीं किया जा सकता था। बिल सबसे पहले  राज्यपाल के पास भेजा जाएगा।
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मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा पेश किया गया समान नागरिक संहिता उत्तराखंड 2024 विधेयक सदन में पारित हो गया। मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने कहा कि जब यह कानून लागू होगा तो सभी कुरीतियां खत्म हो जाएंगी और महिलाएं सशक्त हो जाएंगी। सभी ने इसका समर्थन किया क्योंकि यह एक ऐसा विषय था जिसका विरोध नहीं किया जा सकता था। बिल सबसे पहले  राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। इसके बाद इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। फिर हम इसे कानून के रूप में राज्य में लागू करेंगे।

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देवभूमि का सिर गर्व से ऊंचा करने वाला कदम : भट्ट

भाजपा ने विधानसभा से यूसीसी की मंजूरी को हर देवभूमिवासी का सिर गर्व से ऊंचा करने वाला बताया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा, एक राष्ट्र एक कानून व्यवस्था के मुद्दे पर उत्तराखंड ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराया है। जिस तरह एक घर में दो कानून से घर नहीं चलाया जा सकता है, ठीक उसी तरह एक देश को दो कानून सही से नहीं है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद प्रदेश में विवाह, तलाक, बच्चा गोद लेना, संपत्ति के बंटवारे से लेकर अन्य तमाम विषयों को लेकर सभी धर्मों के लिए एक समान कानून बन जाएगा। जो वसुधैव कुटुम्बकम के सिद्धांत और संविधान निर्माताओं के विचारों को आगे बढ़ाने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग समुदाय विशेष के तुष्टिकरण के कारण इसका विरोध कर रहे हैं, उनके पुराने वरिष्ठ नेता इसका समर्थन करते रहे हैं। पूर्व पीएम पंडित नेहरू हों, सरदार पटेल , भीम राव अंबेडकर हों, दो बार कार्यवाहक पीएम रहे गुलजारी लाल नंदा और 90 के दशक तक दोनों कम्युनिस्ट पार्टियां यूसीसी के पक्ष में थी। लेकिन तुष्टिकरण की नीति के चलते आज देश में इस ऐतिहासिक प्रयास का विरोध किया जा रहा है। उन्होंने गोवा को यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य बताने वालों को जवाब दिया कि गोवा 1961 में पुर्तगाल के शासन से आजाद हुआ था, जहां पहले से यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू था। गोवा को भारत में शामिल करने की एक शर्त में यह कानून को जारी रखना भी था, जिसे 1962 में सेक्शन 5 (1) के तहत अनुमति दी गई। जबकि उत्तराखंड, आजाद भारत में किसी सरकार की ओर से यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शीघ्र ही समूचा देश एक समान कानून व्यवस्था के सूत्र में बंधा मिलेगा।
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उत्तराखंड ने देश के इतिहास में बड़ा काम किया : ऋतु खंडूड़ी

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि राज्य विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित हुआ है। छोटे राज्य उत्तराखंड ने देश के इतिहास में बड़ा काम किया है। यूसीसी कानून देश और महिलाओं को सशक्त करेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी धर्म व जाति की महिलाओं के हित में यूसीसी को लाने का निर्णय लिया। यूसीसी कानून लागू होने के बाद महिलाओं को संपत्ति का अधिकार, विवाह विच्छेदन, बाल विवाह के मामलों में संरक्षण मिलेगा। 
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