प्रमुख मांगें
- परीक्षा निरस्त कर जल्द पुन: परीक्षा करवाएं
- मामले की सीबीआई जांच जल्द शुरू की जाए। अभ्यर्थियों ने कहा कि हाकम सिंह छोटा मोहरा है, उसके पीछे बड़े लोग हैं, उनका खुलासा होना चाहिए।
- ओएमआर शीट पर पांचवें विकल्प के रूप में नोटा को शामिल किया जाए ताकि कोई अभ्यर्थी सवाल का जवाब नहीं आने पर खाली शीट न छोड़ सके।
- यूकेएसएसएससी उन किताबों की लिस्ट सार्वजनिक करे जिससे सवाल लिए जाते हैं ताकि अभ्यर्थी तैयारी कर सकें। आरोप लगाया कि कहीं से भी सवाल पूछने की वजह से तैयारी करने वाले अभ्यर्थी पिछड़ जाते हैं। इससे पेपर खाली छोड़ने वालों पर शंका पैदा होती है। इसके लिए प्रश्न पेपर बनाने वाले विशेषज्ञों के लिए भी दिशा-निर्देश तय किए जाएं। सिलेबस के अंदर से ही सवाल बनाए जाएं और मानक शब्दावली (क्षेत्रीय भाषाओं के लिए) जारी हो।
- केंद्र सरकार के लोक सेवा आयोग से संपर्क कर उनकी कार्यप्रणाली को समझा जाए। उसके अनुसार यूकेएसएसएससी की परीक्षा करवाई जाए जिसमें नियम एक सामान हों।
- परीक्षा सेंटर के लिए सरकारी शिक्षण संस्थानों को ही चुना जाए, निजी को नहीं।
- फिक्स नियम बनाए जाएं, बार-बार नियम न बदलें (जैसे वॉशरूम जाने की अनुमति)।
- अभ्यर्थियों के गेट पर ही थंब इंप्रेशन लिए जाएं और हर कक्ष में परीक्षा की फोटोग्राफी-वीडियो रिकॉर्डिंग करवाई जाए ताकि किसी परीक्षार्थी पर संदेह हो तो फुटेज या वीडियो से जांच की जा सके।
- नकल के आरोपी खालिद ने पांच फॉर्म किस आधार पर भरे। एप्लीकेशन फॉर्म भरते समय ऐसा सॉफ्टवेयर इस्तेमाल हो कि एक अभ्यर्थी एक ही फॉर्म भर सके।
ये शंका जताई
- धराली और थराली की आपदा के कारण परीक्षा रद्द करने की मांग को ठुकराना।
- नकल विरोधी कानून में स्पष्टता के बावजूद आयोग की ओर से पेपर लीक को नहीं स्वीकार करना।
न्यायमूर्ति ध्यानी का आश्वासन
संवाद के अंत में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी ने कहा कि यह जांच आयोग सभी जगह सुनवाई करके सरकार को रिपोर्ट देगा और रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की अनुशंसा भी करेगा। इसके बाद निर्णय सरकार के स्तर पर होगा। उन्होंने कहा कि अभी तक के संवादों से यह सामने आया है कि परीक्षा में सुधार और पारदर्शिता की गुंजाइश है। उन्होंने निष्पक्ष और सटीक रिपोर्ट देने का विश्वास दिलाया जिसमें सभी सुझावों का समावेश होगा और संवाद करने वालों का विवरण भी रिपोर्ट में दिया जाएगा।