सबसे गंभीर सवाल, सेंटर में कैसे पहुंचा मोबाइल फोन, जैमर कैसे फेल हुआ
पूरे मामले में सबसे गंभीर सवाल यह उठा है कि हरिद्वार के परीक्षा सेंटर से पेपर बाहर कैसे आया, जबकि वहां मोबाइल नहीं जा सकता। इस कारण सेंटर में जाने वाले अभ्यार्थियों की पुलिस जांच पर सवाल खड़े हो गए हैं। दूसरा बड़ा सवाल जैमर पर उठा है कि जब सभी सेंटर पर जैमर ऑन होने से मोबाइल के सिग्नल ठप हो जाते हैं तो उस सेंटर से पेपर के स्क्रीन शॉट कैसे लीक हुए। इस सवाल पर आयोग अध्यक्ष ने कहा कि यह गंभीर लापरवाही है, इसकी जांच की जा रही है, आशंका है कि उस सेंटर पर तैनात कर्मियों की भूमिका हो सकती है। जैमर को नाकाम साबित करने में कोई तकनीकी सहयोग दिया गया लगता है, इस पर जांच की जा रही है।
एसएसपी बोले- पेपर लीक तब कहा जा सकता है कि पेपर होने से पहले सवाल लीक हुए हों
एसएसपी ने कहा कि पेपर लीक तब कहा जा सकता है कि पेपर होने से पहले सवाल लीक हुए हों, लेकिन इस मामले में रविवार सुबह 11 बजे परीक्षा शुरू होने से पहले पेपर लीक होने की कोई सूचना नहीं मिली थी, हालांकि परीक्षा खत्म होने के बाद दोपहर करीब 1:30 बजे सोशल मीडिया पर प्रश्न पत्रों के स्क्रीनशॉट वायरल होने लगे। इन स्क्रीनशॉट्स में कुछ प्रश्नों को सुबह 11:35 बजे ही लीक किए जाने का दावा किया गया। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि ये तस्वीरें सबसे पहले टिहरी में असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन के पास पहुंची थीं। पूछताछ में सुमन ने बताया कि वर्ष 2018 के दौरान जब वह टैक्स इंस्पेक्टर, नगर निगम ऋषिकेश के पद पर नियुक्त थीं, तब उनकी पहचान सीपीडब्लूडी में संविदा पर तैनात जेई खालिद मलिक से हुई थी, जो उस समय ऑलवेदर रोड का कार्य देख रहा था और हरिद्वार के रहने वाला था।
खालिद मलिक, सुमन और बॉबी पंवार का कनेक्शन
पूछताछ में सुमन ने बताया कि खालिद की एक बहन ने खुद को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही एक अभ्यर्थी बताते हुए उनसे प्रश्नों के उत्तर मांगे। उसने खालिद को एक मीटिंग में व्यस्त बताया। सुमन का कहना है कि उन्हें लगा कि खालिद की बहन तैयारी कर रही है, इसलिए उन्होंने फोटो के माध्यम से उनके उत्तर उपलब्ध करा दिए, लेकिन बाद में स्क्रीन शॉट में ओएमआर शीट नजर आने पर उन्हें आशंका हुई कि पेपर बाहर आया हुआ है। उन्होंने अपनी बहन के परिचित उत्तराखंड बेरोजगार संघ के नेता बॉबी पंवार को मामले की जानकारी दी।
एसएसपी का कहना है कि बॉबी ने सुमन से पेपर के स्क्रीनशॉट मांगे और उन्हें पुलिस के पास जाने से मना किया। इसके बाद बॉबी ने बिना किसी सक्षम अधिकारी को सूचित किए या आधिकारिक पुष्टि के इन स्क्रीनशॉट्स को सनसनीखेज बनाने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसलिए इन तथ्यों पर भी गहनता से विवेचना की जा रही है कि परीक्षा प्रणाली को सनसनीखेज बनाने अथवा बदनाम करने के उद्देश्य से ही तो कहीं उक्त स्क्रीनशाट्स को सोशल मीडिया पर वायरल न किया गया हो।
सभी युवाओं से अपील करेंगे कि परीक्षा की शुचिता बरकरार है। यह कुछ लोगों से जुड़ा मामला है, इसलिए किसी के बहकावे में आकर ऐसा कोई कृत्य न करें जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित हो, पुलिस सोमवार तक पूरा घटनाक्रम और स्पष्ट करेगी।
- अजय सिंह, एसएसपी