करीब 10 दिन तक राजस्व कर्मियों को प्रशिक्षण देने के साथ ही भगवानपुर में फील्ड कार्य भी कराया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद टीमें संबंधित निकायों में सत्यापन करेंगी। इसके लिए रोवर्स मशीनें (जमीन की डिजिटल मैपिंग के काम आता) भी खरीदी गई हैं। चारों निकायों में सत्यापन का काम नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। स्थलीय सत्यापन के बाद अभिलेखों के मिलान, भूस्वामियों का पक्ष लेने का काम होगा। इन प्रक्रियाओं के बाद डिजिटल तौर पर पहली बार भूमि का रिकार्ड तैयार हो सकेगा।
चार निकायों में भूमि का डिजिटल रिकार्ड तैयार करने का काम चल रहा है। अब ग्राउंड ट्रूथिंग का काम शुरू किया जाना है, इसके लिए प्रशिक्षण शुरू किया गया है। भूमि का डिजिटल रिकार्ड तैयार होने से भूमि संबंधी विवादों में कमी आ सकेगी। योजनाओं को तैयार करने में मदद मिलेगी।
- रंजना राजगुरु, सचिव राजस्व परिषद