होटल में नौकरी करने गए उत्तराखंड के दो युवक ओमान में फंस गए हैं। होटल मालिक पासपोर्ट और वीजा देने के बदले उनसे डेढ़ से दो लाख रुपये की मांग कर रहा है। ओमान में रहने वाले दोस्त ने फेसबुक के जरिए वीडियो भेजकर उनकी व्यथा बताई है। भारतीय दूतावास भी अब तक उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया है।
नई टिहरी निवासी रमेश सिंह नेगी अपने दोस्त के साथ होटल में नौकरी के लिए दुबई गया था। शारजाह में कुछ दिन काम करने के बाद उन्हें ओमान स्थित होटल भेज दिया गया। इसी बीच होटल बंद हुआ तो रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। होटल मालिक ने कब्जे में लिया पासपोर्ट और वीजा देने के बदले डेढ़ से दो लाख रुपये की मांग कर दी।
पासपोर्ट और वीजा नहीं मिलने से वह देश नहीं लौट पा रहे हैं। ओमान में रहने वाले टिहरी निवासी नरेश सुयाल उन्हें सहारा दिए हैं। नरेश सुयाल ने भारतीय दूतावास से मदद मांगी थी, लेकिन अभी तक सहायता नहीं मिली है। फेसबुक से भेजी वीडियो में रमेश और उसके दोस्त ने अपने उत्पीड़न की कहानी बताने के साथ ही मदद की गुहार लगाई है।
उनका तीन माह का टूरिस्ट वीजा रविवार को पूरा हो रहा है। सुयाल ने वीडियो के साथ अपना मोबाइल नंबर पोस्ट किया है। सूत्रों का कहना है कि नरेश के परिजनों ने शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी से मिलकर घटनाक्रम की जानकारी दी है। नरेश सुयाल का कहना है कि खर्चे नहीं होने के कारण वह बेहद दिक्कत में हैं। सरकार से जल्द से जल्द हस्तक्षेप कर उन्हें भारत भेजने की गुहार लगाई है।