आगामी 22 अप्रैल को होने जा रहे अर्द्घकुंभ के पहले डोली स्नान में करीब एक हजार देवी-देवताओं की डोलियां भाग लेंगी।
डोलियों के साथ करीब 25 हजार लोग उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों से आएंगे। आयोजन समिति ने मुख्यमंत्री से मिलकर मेला क्षेत्र में जमीन और तंबुओं की मांग की है।
डोली स्नान आयोजन समिति के मुख्य संयोजक मोहन सिंह रावत गांववासी ने समिति के तमाम सदस्यों के साथ मुख्यमंत्री से भेंट की। हरीश रावत ने सभी व्यवस्थाएं यथा समय कराने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री स्वयं भी डोली स्नान यात्रा में भाग लेंगे।
मोहन सिंह रावत और स्थानीय संयोजक गोपाल सिंह रावत ने बताया कि गढ़वाल से आई डोलियां 21 अप्रैल को ऋषिकेश में रुकेंगी। कुमाऊं मंडल से आई डोलियां हरिद्वार के बैरागी द्वीप पर विश्राम करेंगी। 21 अप्रैल की रात ऋषिकेश से सभी डोलियां शांतिकुंज आ जाएंगी और सवेरे बैरागी द्वीप पहुंचेगी। राज्य भर की डोलियों का शाही स्नान 22 अप्रैल को हरकी पैड़ी पर होगा।
मोहन सिंह रावत ने बताया कि प्रमुख देवताओं की डोलियों के साथ-साथ अनेक गांवों से उप देवताओं की डोलियां भी आएंगी। कुल मिलाकर डोलियों की संख्या एक हजार होने की उम्मीद है। देवी-देवताओं की डोलियों का शाही स्नान जुलूस 22 अप्रैल को सवेरे बैरागी द्वीप से संतों के शाही जुलूस की भांति धूमधाम से निकाला जाएगा।
राज्य की दिग्गज हस्तियां डोली स्नान यात्रा में भाग लेंगी। मुख्यमंत्री ने डोली यात्रा के लिए मार्ग निर्धारित करने की बात स्वीकार कर ली है। संभावना है कि रेलवे रोड और अपर रोड से होते हुए ही शाही जुलूस निकाला जाएगा। जो संत हरिद्वार में मौजूद होंगे वे देवताओं की डोलियों के साथ हरकी पैड़ी पर स्नान करने जाएंगे।