बीमारियों की पहचान के लिए एआई
जानकारी के मुताबिक चिकित्सा शिक्षा विभाग बीमारियों की तेज और सटीक स्क्रीनिंग के लिए एआई मॉडल को अपने साथ लेकर लेने जा रहा है। इसमें मानवीय दखल भी होगा। इसके लिए संकाय को एआई के इस्तेमाल के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। सभी मेडिकल कॉलेजों में संकाय का चयन किया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेजों में स्किल सेंटर बनाए गए
अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में स्किल सेंटर बनाए गए हैं। यहां पर चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रदेश में होने वाले चारधाम, महाकुंभ, कांवड़ और मानसरोवर यात्रा समेत अलग-अलग तरह के धार्मिक आयोजनों में ड्यूटी करने वाले डॉक्टरों को भी यहीं पर प्रशिक्षण दिया जाता है। स्किल सेंटर को और अधिक हाईटेक किया जाएगा। इसमें अब शोध में शामिल डॉक्टरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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प्रदेश में क्षेत्रीय बीमारियों पर चिकित्सा शिक्षा विभाग अब शोध करने जा रहा है। विभाग आईसीएमआर और यूकोस्ट जैसे संस्थानों के साथ मिलकर काम करेगा। इसका उद्देश्य बीमारियों के कारणों की जड़ तक जाना और उसे खत्म करना है। -डॉ. आशुतोष सयाना, निदेशक चिकित्सा शिक्षा विभाग, उत्तराखंड