हिमालयी क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी को पुख्ता करने के लिए एचएटीपी के तहत कनालीछीना विकासखंड में अस्कोट, मुनस्यारी के उच्च हिमालयी क्षेत्र, धारचूला के दारमा व दुग्तू के बुग्यालों और ग्लेशियरों में कैमरे लगाए जाएंगे।
इसके लिए वन विभाग और डब्ल्यूआईआई ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इन क्षेत्रों में बाघ की खोज के लिए 100 कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञ उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जाएंगे। टीम के सदस्य ग्रामीण बुजुर्गों सहित अन्य लोगों से भी बाघ की मौजूदगी पर चर्चा करेंगे।
हिम तेंदुए को भी किया जाएगा ट्रैप
वन विभाग बाघ की खोज के साथ ही उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिम तेंदुए को भी ट्रैप करने का प्रयास करेगा। जो कैमरा ट्रैप लगाए जाएंगे, उन्हीं कैमरों से स्नो लैपर्ड को भी ट्रैप किया जाएगा।
-नवीन पंत, एसडीओ वन प्रभाग