प्रदेश के बेसिक, जूनियर और माध्यमिक तीनों संगठनों के 70 हजार से अधिक शिक्षक अपनी मांगों को लेकर आंदोलन की तैयारी में हैं। प्राथमिक और राजकीय शिक्षक संघ की ओर से 22 अगस्त से आंदोलन का एलान कर दिया गया है। वहीं, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की आज होने वाली प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में आंदोलन पर कोई निर्णय लिया जा सकता है।
लंबित मांगों पर शिक्षक संगठन सरकार पर आंदोलनों के जरिये दबाव बनाएंगे। प्राथमिक शिक्षक संघ सीआरपी, बीआरपी के पदों पर माध्यमिक के शिक्षकों की तैनाती के विरोध में 22 अगस्त से सड़कों पर उतरने की तैयारी में है। वहीं, राजकीय शिक्षक संघ ने विरोध स्वरूप 22 अगस्त से स्कूलों में बांह पर काली पट्टी बांधकर जाने का एलान किया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने कहा कि शिक्षक पांच सितंबर को शिक्षक दिवस नहीं बनाएंगे। इसके बाद भी मांगों पर जीओ नहीं हुआ तो छह सितंबर से गढ़वाल और कुमाऊं दोनो मंडलों की कार्यकारिणी शिक्षा निदेशालय में आमरण अनशन शुरू करेगी।
शिक्षकों को अब तक केवल आश्वासन मिलते रहे हैं। यदि उनकी मांगों पर जीओ जारी नहीं हुआ तो शिक्षक छह सितंबर से आमरण अनशन शुरू करेंगे।
-राम सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष राजकीय शिक्षक संघ
22 से 29 अगस्त तक सभी बीईओ कार्यालय में शिक्षक सामूहिक अवकाश पर रहकर प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद भी मांगों पर अमल नहीं हुआ तो 31 अगस्त को रैली निकालकर डीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजेंगे।
-वीरेंद्र कृषाली, जिलाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ
प्रांतीय कार्यकारिणी की आज जिला परियोजना कार्यालय में बैठक बुलाई गई है। बैठक में आंदोलन की रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा।
-उमेश चौहान, मीडिया प्रभारी, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ