कार्रवाई झेलने के लिए तैयार
कहा, जो विभाग की किसी भी तरह की कार्रवाई झेलने के लिए तैयार हैं। संगठन के प्रांतीय महामंत्री रमेश चंद्र पैन्युली बताते हैं कि चार अगस्त को विभाग के साथ जो समझौता हुआ था। उसके मुताबिक एक भी शासनादेश नहीं हुआ। शिक्षक अब तक शांतिपूर्वक तरीके से आंदोलन करते आए हैं। यदि विभाग ने किसी शिक्षक के खिलाफ उत्पीड़न की कार्रवाई की तो शिक्षक उग्र आंदोलन करेंगे। उधर, शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत शिक्षकों की मांगों के संबंध में फिलहाल कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।
विभाग शिक्षकों की मांगों के प्रति गंभीर है, उनकी पदोन्नति का मामला कोर्ट में है। पदोन्नति से रोक हटे इसके लिए शासन की ओर से ट्रिब्यूनल में शपथपत्र दाखिल किया जा रहा है। सहायक अध्यापक एलटी के अंतरमंडलीय तबादलों के मामले में कार्मिक विभाग से रोक है। जल्द ही विभागीय मंत्री की अध्यक्षता में बैठक कर इस मसले को सुलझा लिया जाएगा। -बंशीधर तिवारी, शिक्षा महानिदेशक
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शिक्षकों की कुछ प्रमुख मांगे
प्रधानाचार्य के शत प्रतिशत पदों को पदोन्नति से भरा जाए।
पुरानी पेंशन बहाल की जाए।
वेतन विसंगति को दूर किया जाए।
सीबीएसई से संबद्ध अटल उत्कृष्ट विद्यालयों को उत्तराखंड बोर्ड से संबद्ध किया जाए।