उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की ओर से संचालित उत्तराखंड अध्यापक पात्रता परीक्षा (यूटीईटी) परिणाम बोर्ड ने घोषित कर दिया है। यूटीईटी प्रथम में 20.20 और द्वितीय में 17.81 फीसदी अभ्यर्थी ही उत्तीर्ण हुए। बोर्ड सचिव डॉ. नीता तिवारी ने बताया कि यह परीक्षा 26 नवंबर को राज्य के 178 केंद्रों पर दो पालियों में हुई थी।
यूटीईटी प्रथम में पंजीकृत 44972 अभ्यर्थियों ने से 33779 शामिल हुए। इनमें से 6822 उत्तीर्ण हुए। इनका उत्तीर्ण प्रतिशत 20.20 रहा। यूटीईटी द्वितीय में पंजीकृत 39875 में से 31379 ने परीक्षा दी और 5589 उत्तीर्ण हुए। इनका उत्तीर्ण प्रतिशत 17.81 रहा। सचिव ने बताया कि जो अभ्यर्थी परीक्षाफल से संतुष्ट नहीं हैं, वे प्रत्यावेदन कर सकते हैं। परिणाम को विभाग ने वेबसाइट www.ubse.uk.gov.in पर अपलोड कर दिया है। अभ्यर्थी अपना परीक्षा परिणाम इस पर देख सकते हैं।
नकलविहीन बोर्ड परीक्षा कराएं अधिकारी
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद् सभागार में बोर्ड सभापति ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बोर्ड परीक्षाएं नकलविहीन कराने के निर्देश दिए। बैठक में सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारी, मुख्य संकलन केंद्रों और उप संकलन केंद्रों के उप नियंत्रक मौजूद रहे।
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बैठक में बताया गया कि इस वर्ष हाईस्कूल में कुल 129785 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इनमें 127414 संस्थागत और 2371 व्यक्तिगत परीक्षार्थी हैं। इंटरमीडिएट में कुल 113170 में से 110204 संस्थागत और 2966 व्यक्तिगत परीक्षार्थी हैं। परीक्षार्थी प्रदेश के 1333 केंद्रों पर परीक्षा देंगे। प्रदेश में कुल 191 संवेदनशील और 18 अति संवेदनशील केंद्र बनाए गए हैं।
इसके अलावा, 13 मुख्य संकलन और 24 उप संकलन केंद्र हैं। परीक्षाएं 28 मार्च से शुरू होकर 19 अप्रैल तक चलेंगी। सभापति सीमा जौनसारी ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में परीक्षाएं शांतिपूर्ण और नकल विहीन संपन्न कराएं। परीक्षा केंद्रों पर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाए। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर प्रश्न पत्रों की सुरक्षा व्यवस्था केंद्र व्यवस्थापकों और कस्टोडियन कराएं। बैठक में परिषद की सचिव डॉ. नीता तिवारी, अपर निदेशक कुमाऊं मंडल लीलाधर व्यास, अपर सचिव एनसी पाठक, बीएमएस रावत, उपनिदेशक गोपाल स्वरूप, उप सचिव सीपी रतूड़ी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी बीसी उप्रेती, एनके जोशी, राजीव रावत, इंदु प्रकाश नेगी आदि रहे।
पंत विवि का दूसरा सेमेस्टर 21 मार्च से
गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय का द्वितीय सेमेस्टर 21 मार्च से शुरू होगा। कोरोना संक्रमण के चलते विवि की कुछ संकायों की वार्षिक परीक्षाएं टाल दी गईं थीं, जो बीती दो मार्च से 10 मार्च तक संपन्न हो गईं। इसके साथ ही अगले सेमेस्टर के लिए कुलसचिव ने होली के अवकाश के बाद 21 मार्च से विवि खुलने का आदेश निर्गत कर दिया है। सभी छात्रों का पंजीकरण 21 मार्च से होगा।