एरियर का लाभ पाने वालों में कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल और एएसआई स्तर के कर्मचारी शामिल हैं। एरियर के रूप में कुल 70 करोड़ रुपये का भार राज्य सरकार पर पड़ रहा है। इसी के चलते सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी।
हो सकती है रिकवरी
खास बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट की तरफ से यदि इस मामले में सरकार के पक्ष में फैसला आता है तो अब तक दिए गए एरियर की रिकवरी भी पुलिसकर्मियों से हो सकती है। हालांकि, अभी ऐसी कोई स्थिति नजर नहीं आ रही है।
बता दें कि राज्य में पुलिस विभाग के सिपाहियों को वर्ष 2008 में छठे वेतनमान का लाभ दिया गया था। इसके बाद वर्ष 2011 में कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल का ग्रेड पे बढ़ गया था। इस स्थिति के चलते रिवाइज ग्रेड के आधार पर 2006 से एरियर देने की मांग की गई थी।