ये है मामला
बता दें कि यह मामला त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के समय विधायक उमेश कुमार के यहां हुई छापेमारी से जुड़ा है। इसमें कई संपत्तियों के कागजात एवं विदेशी मुद्रा बरामद हुई थी। मामले में राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। साथ ही मनी लांड्रिंग के तहत ईडी ने भी जांच की थी।
प्रधानमंत्री कार्यालय को साक्ष्य के साथ पत्र भेजा गया था। विदेशी मुद्रा मिलने समेत कई अन्य आरोपों के बाबत मुकदमा दर्ज किया गया था। लेकिन कई शासकीय अधिकारियों के सपोर्ट के चलते जांच और कार्रवाई को दबा दिया गया था। इस अब इस मामले में कार्रवाई के आदेश किए गए हैं।
-कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, पूर्व विधायक खानपुर।
त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के समय में मेरे यहां छापेमारी हुई थी। इसमें करेंसी मिली थी। ईडी की ओर से 21 दिसंबर 2018 को मुझे पहला नोटिस जारी हुआ था। मामले में दो साल जांच चली लेकिन कुछ नहीं मिला। अब ऐसे में जिस मामले की जांच पहले हो चुकी है, उसकी दोबारा जांच का क्या औचित्य है। यह शिकायत के आधार पर रूटीन में जारी होने वाले आदेश हैं। बावजूद इसके मैं किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हूं।
-उमेश कुमार, निर्दलीय विधायक खानपुर