श्रीनगर में विकासखंड कीर्तिनगर के बडियारगढ़ क्षेत्र से चिपको आंदोलन के समर्थन में सुंदरलाल बहुगुणा ने जनवरी 1978 में पद यात्रा की थी। इस दौरान बडियार में ही पेड़ों के कटान के विरोध में वह अनशन पर बैठ गए थे, जिसके बाद अनशन के 10वें दिन उन्हें गिरफ्तार कर पुरानी टिहरी जेल भेज दिया गया था। हिमालय बचाओ आंदोलन के संयोजक समीर रतूड़ी ने बताया कि उस दौरान आंदोलन में उनके साथ उनकी पत्नी विमला बहुगुणा, बेटा राजीव नयन बहुगुणा, धूम सिंह नेगी, कुंवर प्रसून, विजय जड़धारी व घनश्याम सैलानी शामिल थे।
पर्यावरणविद् एवं बड़ी जल विद्युत परियोजनाओं के विरोधी सुंदरलाल बहुगुणा का श्रीनगर व कीर्तिनगर से लगाव रहा है। पर्वतीय विकास एवं शोध केंद्र के नोडल अधिकारी डा.अरविंद दरमोडा बताते हैं कि 24-25 अप्रैल 2011 को गढ़वाल विवि में पर्वतीय विकास शोध केंद्र की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसमें श्रीनगर जल विद्युत परियोजना के कारण हो रही समस्या पर चर्चा की गई थी।
इस दौरान सुंदर लाल बहुगुणा ने कहा था कि परियोजना कंपनी से जो भी समस्याएं हैं उन्हें मीटिंग हालों के बजाया उचित मंचों पर रखा जाना चाहिए। इसके बाद गंगा आरती समिति के अध्यक्ष प्रेम बल्लभ नैथानी के अनुरोध पर बहुगुणा अलकनंदा नदी किनारे शारदा घाट भी पहुंचे।