जब माहौल शांत हुआ तो स्व. सुरेशानंद नौटियाल, स्व. ईश्वरीदत नवानी, स्व. रमेश खंडूड़ी और स्व. पूरण सिंह प्रचार के लिए नौटी क्षेत्र में पहुंचे। यहां वापसी में नौटी गांव वालों ने सड़क के दोनों ओर दीवार लगाई थी। यहां भी सभी कांग्रेस नेताओं को पथराव का सामना करना पड़ा था।
उस दौरान पुलिस भी मदद नहीं कर पाई। किसी तरह हरियाणा के तत्कालीन सीएम भजन लाल को इसकी सूचना पहुंचाई गई। तब जाकर हरियाणा पुलिस की मदद से कांग्रेस नेता वहां से निकल सके। आशा राम कुमेड़ी बताते हैं कि वर्ष 1984 में उन्होंने राजकीय सेवा में जाने के बाद पौड़ी में कलेक्ट्रेट के पीछे लगने वाली संघ की शाखा जाना शुरू किया था।