राज्य स्थापना दिवस पर पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम
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राज्य स्थापना दिवस की परेड (नौ नवंबर) की पुलिस तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। इसी क्रम में डॉग स्क्वायड की लूसी भी सालों की परंपरा के तहत मुख्य अतिथि को गुलदस्ता भेंट करने को तैयार है और परेड अगुवाई के लिए घोड़ा रुस्तम भी। परेड से पहले शनिवार को फुल ड्रेस रिहर्सल की गई।
इसका डीजीपी अनिल रतूड़ी और डीजी कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने जायजा लिया। नौ नवंबर की परेड में हर साल पुलिस के विभिन्न दलों के करतब देखने को मिलते हैं। शुरुआत डॉग स्क्वायड की लूसी करती है। वह अपने मुंह में पहले तो स्वागत की तख्ती लेकर मेहमानों का स्वागत करती है।
इसके बाद मुख्य अतिथि के पास गुलदस्ता मुंह में दबाकर जाती है। लूसी के इस स्वागत के बाद शुरू होती है अलग अलग दस्तों के करतबों की शुरुआत होती है। शनिवार को परेड के क्रम में फुल ड्रेस रिहर्सल की गई। इसका मुआयना डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी, डीजी अशोक कुमार और डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने किया।
इस दौरान घुड़सवार दस्ते के रुस्तम, वीरू और स्योंली के करतबों को भी परखा गया। इस बार पहले की तरह तैयारियों के लिए भी कम समय मिला है। कोविड के कारण परेड में पहले सालों की तरह कम भीड़ भी देखने को मिलेगी।
मोटरसाइकिल दस्ता डेयर डेविल्स भी करेगा करतब
उत्तराखंड राज्य में तीन साल पहले मोटरसाइकिल दस्ता डेयर डेविल्स का गठन किया गया था। इसमें 34 पुरुष और चार महिला जवान शामिल हैं। यह दस्ता बीएसएफ के विख्यात जांबाज दस्ते की तरह की करतब करता है। बीएसएफ के दस्ते में 150 जवान हैं, लेकिन यहां 38 जवान ही तमाम करतबों को कर लोगों को दातों तले उंगली दबाने को मजबूर देते हैं।