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खिलाड़ियों ने खेल नीति बनाने की कवायद का किया स्वागत, ग्रामीण प्रतिभाओं को तराशने पर दिया जोर 

Thu, 27 Aug 2020 03:13 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : ट्विटर
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प्रदेश में खेल एवं खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए खेल नीति बनाने की कवायद को खिलाड़ी सरकार का अच्छा कदम बता रहे हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि नेशनल व इंटरनेशनल पदक जीतने पर खिलाड़ियों का सम्मान होना चाहिए, लेकिन इससे ज्यादा अच्छा होगा कि विभाग व सरकार जरूरत के समय उनकी मदद करे। 

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गांव व छोटे कस्बे में रहने वाला खिलाड़ी राज्य स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए भी जूझता है। इस दौरान उसे संसाधनों की कमी से जूझना पड़ता है। साथ ही अवसर भी नहीं मिल पाते। अपने संघर्ष और कठिन परिश्रम के दम पर वह नेशनल व इंटरनेशनल स्तर तक सफर तय करते हैं।

कई प्रतिभाएं जो परिस्थितिवश अपने सपने को पूरा नहीं कर पाते हैं। ऐसे होनहारों को तराशना होगा। तभी खेल नीति का मकसद पूरा होगा। इसके अलावा उन्होंने सरकारी सेवाओं में चार प्रतिशत आरक्षण की भी जरूरत है। अमर उजाला से बातचीत में कई खेलों में पहचान बना चुके खिलाड़ियों ने अपने अनुभवों के आधार पर सरकार को खेल नीति को लेकर कुछ सुझाव दिए हैं।  
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क्या कहते हैं खेल जगत से जुडे़ लोग 

खेल नीति बनाना अच्छी पहल है। इसमें खिलाड़ियों को बेसिक सुविधाएं मुहैया कराने का प्रावधान होना चाहिए। कई शहरों में बास्केटबॉल के सरकारी कोर्ट नहीं हैं, जिस कारण खिलाड़ियों को प्राइवेट स्कूल या एकेडमी में जाना पड़ा जहां की फीस महंगी पड़ती है। सरकार को इंटरनेशनल प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी जॉब देनी चाहिए। 
- साक्षी चौहान, इंटरनेशनल प्लेयर व्हीलचेयर बास्केटबॉल  

पौड़ी जिले के सामान्य परिवार से हूं। पहाड़ी जिलों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन वहां सुविधाएं नहीं मिल पाती। खिलाड़ियों को शहरों में आना पड़ता है। पहाड़ों में भी कोच, किट, ग्राउंड व अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जानी चाहिए। खेल नीति को खेलों के विकास में सकारात्मक कदम माना जा सकता है। 
- अंकिता ध्यानी, खेलो इंडिया में गोल्ड मेडल विजेता 

सरकार को गांव, स्कूल व कॉलेज स्तर पर खिलाड़ियों को बढ़ावा देना चाहिए। प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण मिले, ताकि उन्हें नेशनल व इंटरनेशनल स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जा सके। खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में चार प्रतिशत आरक्षण देना अच्छा कदम है। खेल एवं खिलाड़ियों के विकास के लिए स्पष्ट नीति बननी चाहिए। 
- सूरज पंवार, यूथ ओलंपियन विजेता 

प्रदेश में सरकारी सेवाओं में स्पोर्ट्स कोटे के तहत चार प्रतिशत आरक्षण देने पर विचार करने की बात सामने आ रही है। यह जल्द लागू होना चाहिए। स्कूल में 12 साल की आयु से खिलाड़ियों को सरकारी सुविधाओं का लाभ देना शुरू करना चाहिए। हर छोटे-बड़े इवेंट में खिलाड़ियों को खेल किट, नकद राशि दी जानी चाहिए, जिससे खिलाड़ी प्रोत्साहित हो सके। 
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- केजेएस कलसी, सचिव, उत्तराखंड एथलेटिक्स एसोसिएशन 

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