जिला आबकारी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) से तालमेल बनाकर जारी आरसी के विरुद्ध वसूली का अभियान चलाएं। समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रदेश में ठेेकेदारों पर एक अप्रैल 2022 से 31 जनवरी 2023 तक कुल बकाया 195 करोड़ रुपये की वसूली नहीं हो पाई है।
उत्तराखंड में शराब ठेकेदारों पर पिछले सालों की करोड़ों रुपये की बकाया वसूली में उदासीनता बरतने पर पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर के जिला आबकारी अधिकारियों के खिलाफ विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि होगी। साथ ही लापरवाही पर अल्मोडा के क्षेत्रीय आबकारी अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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सचिव आबकारी हरिशचंद सेमवाल की अध्यक्षता में बकाया वसूली की समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए गए। संयुक्त आबकारी आयुक्त बीएस नेगी के मुताबिक, आबकारी सचिव ने वर्चुअल समीक्षा बैठक में राजस्व वसूली में हीलाहवाली करने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जिला आबकारी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) से तालमेल बनाकर जारी आरसी के विरुद्ध वसूली का अभियान चलाएं। समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रदेश में ठेेकेदारों पर एक अप्रैल 2022 से 31 जनवरी 2023 तक कुल बकाया 195 करोड़ रुपये की वसूली नहीं हो पाई है।
सचिव ने ऊधमसिंह नगर के जिला आबकारी अधिकारी हरीश कुमार व पिथौरागढ़ के आबकारी अधिकारी गोविंद सिंह मेहता के खिलाफ राजस्व वसूली में उदासीनता बरतने पर विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि करने को कहा। साथ ही अल्मोड़ा के क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक बलजीत सिंह पर कार्य के प्रति घोर लापरवाही और उदासीनता बरतने पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
सचिव ने ताकीद किया कि जिस जिले में राजस्व बकाया रहेेगा, उसकी पूरी जिम्मेदारी व्यक्तिगत रूप से जिला आबकारी अधिकारी की होगी। ऐसे मामलों में अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ शेष राजस्व की वसूली आबकारी अधिकारी से व्यक्तिगत रूप से की जाएगी।
ठेकेदारों की हैसियत जब्त होगी
जो ठेकेदार आबकारी राजस्व जमा नहीं कराएंगे, उनकी हैसियत जब्त हो जाएगी। सचिव ने इस संबंध में विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए।