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तीन दिन बाद उत्तराखंड पहुंचा लद्दाख में शहीद हुए जवान का पार्थिव शरीर, गांव में उमड़ा भारी जन सैलाब

Wed, 22 Jul 2020 01:48 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, लालपुर (ऊधमसिंह नगर)
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- फोटो : amar ujala
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तीन दिन बाद बुधवार की सुबह लद्दाख में शहीद हुए उत्तराखंड के लाल देव बहादुर का पार्थिव शरीर सेना के वाहन से ऊधमसिंहनगर पहुंचाया गया।

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लद्दाख बॉर्डर पर तैनात उत्तराखंड का जवान शहीद, खबर सुनते ही परिवार में मचा कोहराम

शहीद देव बहादुर थापा का पार्थिव शरीर सुबह 07 बजकर 25 मिनट पर पहुंचा। एम्बुलेंस के पहुंचते ही लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। लोग शहीद की एक झलक पाने के लिए लालायित थे। लगभग दो घंटा एम्बुलेंस लालपुर पर रुकी रही।
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बाइक पर सवार युवा तिरंगे के साथ जब तक सूरज चांद रहेगा, देव तेरा नाम रहेगा, दिल दिया है जान भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए आदि नारो के साथ आगे आगे चल रहे थे। सड़क के दोनों ओर लोगों की लंबी कतारें थीं। महिलाएं छतों से पार्थिव शरीर देखने के लिए खड़ी थीं। विधायक राजेश शुक्ला शव के साथ चल रहे थे।

कनकपुर और राघवनगर के मध्य बने श्मशान घाट पर होगी अंत्येष्टि

यहां से शहीद का पार्थिव शरीर उनके गांव गौरीकला पहुंचा, जिसके बाद प्राथमिक स्कूल में अंतिम दर्शन के लिए शहीद की पार्थिव देह रखी गई। इस दौरान लोगों ने भारत माता की जय और देव तुम अमर रहो के नारों के साथ शहीद वीर को श्रद्धांजलि दी। प्राथमिक स्कूल में राज्यपाल की ओर से पुष्पचक्र अर्पित किया गया।

जिसके बाद शहीद की अंतिम यात्रा शुरू हुई। कनकपुर और राघवनगर के मध्य बने श्मशान घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ शहीद देव बहादुर का अंतिम संस्कार किया गया।

मंगलवार को दोपहर डेढ़ बजे लद्दाख से सेना का वायुयान शहीद का पार्थिव देह लेकर दिल्ली रवाना हो गया था। एसडीएम ने बताया कि शहीद को अंतिम सलामी के लिए सेना का विशेष बैंड हल्द्वानी से आया है। 
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देव बहादुर का पैर जमीन पर बिछी डायनामाइट पर पड़ गया था

जानकारी के अनुसार, 18 जुलाई को रात को गश्त के दौरान जवान देव बहादुर का पैर जमीन पर बिछी डायनामाइट पर पड़ गया था। इस दौरान हुए धमाके में वे शहीद हो गए। घटना की जानकारी परिवार को रात करीब 11 बजे मिली। शहीद जवान देव बहादुर की भर्ती 2016 में भारतीय सेना के 6/1 गोरखा रेजिमेंट के बैच में हुई थी।

भाई भी है सेना में

बता दें कि शहीद जवान का बड़ा भाई किशन बहादुर भी भारतीय सेना में है। वे इस वक्त ग्वालियर में तैनात हैं। शहीद देव बहादुर के परिवार में तीन भाई और एक बहन हैं। वे दूसरे नम्बर के थे। 

शहीद के भाई  किशन ने बताया कि घटना गश्त के दौरान हुई थी। परिवार को सूचना रात को दी गई थी। क्षेत्रीय विधायक राजेश शुक्ला ने शहीद के घर पहुंच कर परिजनों को ढांढस बंधाया। 
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