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सख्ती: छह निजी अस्पतालों को आयुष्मान योजना की सूचीबद्धता से हटाया, पढ़िए क्यों लिया गया यह फैसला

Thu, 17 Mar 2022 05:12 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

अस्पताल में सभी स्पेशियलिटी की सुविधा न देने पर राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने निजी अस्पतालों पर कार्रवाई की है। देहरादून, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और टिहरी जिले के अस्पतालों को सूची से हटाया गया है।
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ayushman yojna - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड पर मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध सभी स्पेशियलिटी की सुविधाएं न देने पर राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने छह निजी अस्पतालों की सूचीबद्धता रद कर दी है। योजना की गाइडलाइन का पालन न करने पर प्राधिकरण ने यह कार्रवाई की है। 

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राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने देहरादून, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और टिहरी जिले के छह निजी अस्पतालों की योजना में सूचीबद्धता समाप्त कर दी है। इसमें कंबाइंड मेडिकल इंस्टीट्यूट देहरादून (सीएमआई), सुंदर मोहन डेंटल केयर एंड रूट कैनाल सेंटर देहरादून, उषा बहुगुणा अल्फा हेल्थ इंस्टीट्यूट नैनीताल, गहतोरी हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, किशोर हॉस्पिटल ऊधमसिंह नगर व क्रिश्चियन हॉस्पिटल चंबा शामिल हैं।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की आयुष्मान योजना की गाइडलाइन के मुताबिक सूचीबद्ध अस्पतालों को उपलब्ध सभी स्पेशियलिटी की सुविधाएं मरीजों को देनी होगी। प्रदेश में कई ऐसे निजी अस्पताल हैं, जिन्होंने गोल्डन कार्ड पर एक या दो बीमारियों का इलाज करने को सूचीबद्ध किया है। इससे गोल्डन कार्ड धारक मरीजों को इलाज कराने में दिक्कतें आ रही हैं।
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अब प्राधिकरण ने इस पर सख्ती करनी शुरू कर दी है। प्राधिकरण की ओर से सूचीबद्ध अस्पतालों को सभी स्पेशियलिटी की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए एक माह का समय दिया गया था। वेलमेड हॉस्पिटल को छोड़कर बाकी किसी भी निजी अस्पताल सभी सेवाएं देने को तैयार नहीं हुए हैं। इस पर प्राधिकरण ने सूचीबद्धता निरस्त करने की कार्रवाई की है।

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. डीके कोटिया का कहना है कि अस्पतालों की ओर से योजना की गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा था। यदि अस्पताल प्रशासन मौजूद सभी सुविधाएं देने को तैयार होते हैं तो उन्हें दोबारा से सूचीबद्ध करने पर विचार किया जाएगा। इसके लिए अस्पतालों को नए सिरे से आवेदन करना होगा।

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