राज्य के कुछ उद्यमी जुटे हैं, जिन्होंने एक एसोसिएशन बना ली है। यह एसोसिएशन प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया अभियान के तहत रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के मार्गदर्शन से उत्तराखंड में सैन्य उपकरणों के कारोबार में नई संभावनाएं तलाशेगी।
डीआरडीओ के साथ एसोसिएशन के सदस्यों ने पिछले दिनों देहरादून में एक अहम बैठक की थी। जिसके बाद से उद्यमी उत्साहित हैं। वे अब आगे की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं। एसोसिएशन से जुड़े कारोबारी अनिल गोयल कहते हैं, केंद्र सरकार ने 100 से अधिक रक्षा उपकरणों को दूसरे मुल्कों से खरीदने के बजाय देश में ही बनाने का फैसला किया है।
उत्तराखंड इसका लाभ उठा सकता है। रक्षा उपकरणों की ऐसी दो सूचियां और आनी हैं। इस कारोबार में काफी संभावनाएं हैं और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। डीआरडीओ इन उपकरणों की आरएंडडी उपलब्ध कराएगा और उस हिसाब से इनका उत्पादन होगा। गोयल के अनुसार, बेशक अभी जमीन पर भी कुछ दिखाई नहीं दे रहा, लेकिन धीरे-धीरे संभावनाएं आकार ले रही हैं।