इसकी पुष्टि सचिवालय में संचालित हो रहे अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. बिमलेश जोशी भी करते हैं। वह कहते हैं,‘ कि उनके पास कमर दर्द से पीड़ित कर्मचारी इलाज के लिए आ रहे हैं और इनकी संख्या बढ़ रही है।’ इसकी वजह वे भी बैठने के गलत तरीके और कुर्सियों को मान रहे हैं।
उनकी मानें तो सख्त सपोर्ट वाली कुर्सी ‘बैक पेन’ से बचाने में मददगार हो सकती है। अपर सचिव (सचिवालय प्रशासन) विनोद कुमार सुमन का कहना है कि जिला कारागार में बंदियों द्वारा तैयार की गई लकड़ियों की कुर्सियों के सैंपल सचिवालय में रखे गए हैं। सभी ने इसे देख लिया है।
आरामदायक कुर्सी का ‘दर्द’
चिकित्सकों के मुताबिक, आरामदायक और गद्देदार कुर्सी पर गलत तरीके से बैठने पर रीढ़ की हड्डी पर दबाव बनता है। जिससे कमर दर्द और स्पांडिलाइटिस का खतरा बढ़ता है। इससे जकड़न या कमर में छूने पर और कूल्हे में दर्द होता है।
सचिवालय संघ ने भी सचिवालय प्रशासन की पहल का समर्थन किया है। लकड़ी से बनी कुर्सियों से कर्मचारियों को बैक पेन से छुटकारा दिलाने में मदद मिलेगी।
- दीपक जोशी, अध्यक्ष, उत्तराखंड सचिवालय संघ