अपनी जिंदगी को पटरी पर लाने के बाद उन्होंने नशे की गिरफ्त में आए नयार घाटी के युवाओं को सही राह पर लाने का बीड़ा उठाया और जनवरी 2019 में सतपुली के निकट नौगांव में सोच नशा मुक्ति केंद्र शुरू कर दिया, जिसमें वर्तमान में 14 लोगों को नशामुक्ति के लिए अमेरिकन पद्धति के अनुसार योगा, होम्योपैथी और नेचुरोपैथी से ट्रीटमेंट दिया जा रहा है।
उनके इस कार्य में ट्रीटमेंट पाकर नशा छोड़ चुके 10 युवाओं में से सतपुली के दो युवा भी नशा मुक्ति केंद्र में सेवाएं देकर दूसरों का नशा छुड़वाने में मदद कर रहे हैं। जिन लोगों ने 90 के दशक में उन्हें सतपुली समेत कई स्थानों पर नशा कर उत्पात मचाते देखा है, उनके लिए कृष्णा दुनिया के आठवें अजूबे से कम नहीं है।
मैंने नशे के कारण सामाजिक और पारिवारिक तिरस्कार झेलने के साथ ही तमाम चीजों को खोया है। इस बुराई के दुष्परिणामों से भलीभांति वाकिफ हूं। कटु अनुभव हासिल किए हैं, इसलिए युवाओं का नशा छुड़वाकर उन्हें मुख्य धारा में लाने के लिए कृत संकल्पित हूं।
-कृष्णा बौंठियाल, संचालक, सोच नशामुक्ति केंद्र सतपुली