फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोर्ट के आदेश पर एसडीएम मनीष बिष्ट की सेवा समाप्त, एक कोटे से नौकरी में दो बार लिया था आरक्षण का लाभ

Fri, 02 Aug 2019 10:19 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून/ रुद्रपुर
विज्ञापन
एसडीएम मनीष बिष्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

उत्तराखंड में एक कोटे से नौकरी में दो बार आरक्षण का लाभ लेने पर शासन ने एसडीएम सितारगंज मनीष बिष्ट की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। कोर्ट के आदेश पर लोक सेवा आयोग ने बिष्ट की नियुक्ति समाप्त करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। ताजा आदेश में बिष्ट की जगह अन्य अभ्यर्थी सुधीर कुमार को नियुक्ति प्रदान की गई है।

विज्ञापन


प्रदेश में यह अपनी तरह का पहला मामला है। मनीष ने पूर्व सैनिक के आश्रित को मिलने वाले चार फीसदी आरक्षण कोटे का लाभ लिया था। मनीष ने चंपावत जिले में उपखंड शिक्षाधिकारी के रूप में सेवाएं दी थी।

वर्ष 2015 बैच के पीसीएस अफसर में चयन के समय मनीष ने फिर से पूर्व सैनिक के कोटे से आरक्षण का लाभ लिया था। लोक सेवा आयोग के समक्ष अन्य अभ्यर्थी ने आपत्ति जताई थी कि नियमानुसार नौकरी में आरक्षण के कोटे का लाभ एक ही बार लिया जा सकता है।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

आयोग के बाद अभ्यर्थी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया था। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा। वर्ष 2018 में प्रशिक्षु डिप्टी कलक्टर के रूप में अल्मोड़ा में सेवाएं देने के बाद 2018 के आखिरी महीनों में बिष्ट यूएसनगर आ गए।

ओसी कलक्ट्रेट के पद पर तैनाती के बाद मार्च में उन्हें सितारगंज का एसडीएम के रूप में तैनाती दी गई थी। वर्तमान में बिष्ट एसडीएम सितारगंज के पद पर तैनात हैं। लोक सेवा आयोग ने कोर्ट के आदेशानुसार कार्मिक विभाग को प्रस्ताव भेजा।

इसके बाद कार्मिक विभाग ने नियुक्ति समाप्त करने का आदेश दिया, जिससे मनीष की सेवाएं समाप्त हो गई हैं। शासन के फैसले पर मनीष बिष्ट ने कहा कि वे कानूनी तरीके से अपनी लड़ाई लड़ेंगे। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें